लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदलने और शहर की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड तेजी से काम कर रहा है। अगले चार महीनों (अप्रैल 2026 तक) में चार बड़े पुल और आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) तैयार हो जाएंगे। इनमें लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़े प्रोजेक्ट्स के अलावा हरदोई रोड, केसरी खेड़ा और साई नदी पर बन रहे महत्वपूर्ण पुल शामिल हैं। इनके बनने से लाखों यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और शहर से एयरपोर्ट तक का सफर महज 10 मिनट में पूरा हो सकेगा।
चार प्रमुख प्रोजेक्ट्स जो अप्रैल तक होंगे तैयार
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ा पुल
सबसे प्रमुख प्रोजेक्ट लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ा पुल है, जो शहर की यातायात को नई गति देगा। - पीएम टेक्सटाइल पार्क को रैथा सेतु से जोड़ने वाला पुल (फरवरी 2026)
हरदोई रोड पर पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क को रैथा अंडरपास से जोड़ने वाला दो लेन का पुल फरवरी में ही शुरू हो जाएगा। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग सीधे लखनऊ शहर से जुड़ जाएगा। कोलवा बनौरा, खाखरा, रनियामऊ, चंवतारा, रैथा, कथवारा, पटौना और आदमपुर जैसे गांवों के लोगों को बड़ा फायदा होगा। - केसरी खेड़ा आरओबी (मार्च 2026)
दो लेन का यह आरओबी मार्च 2026 में तैयार हो जाएगा। बनने के बाद लखनऊ-कानपुर मार्ग का सीधा संपर्क कृष्णानगर, विजय नगर, केसरी खेड़ा, नरायनपुरी, कनौसी, पारा, अलीनगर, सोन्हेरा, आलमबाग, ट्रांसपोर्टनगर से हो जाएगा। इससे इन इलाकों के लोगों को जाम से राहत मिलेगी। - हरौनी आरओबी और साई नदी पर पुल (अप्रैल 2026)
हरौनी आरओबी दो लेन का है और इसका अधिकांश काम पूरा हो चुका है। इसे अप्रैल 2026 में शुरू करने की तैयारी है। वर्तमान में यहां क्रासिंग खुलने-बंद होने से जाम लगता है। आरओबी बनने से लखनऊ-उन्नाव कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सरोजनीनगर, सोहरामऊ, भटगांव, बंथरा, जुनाबगंज, नवाबगंज, बनी और बिजनौर जैसे क्षेत्रों के लोगों को आसानी होगी। भारी वाहन भी सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ सकेंगे। साई नदी पर बन रहा पुल भी इसी समय शुरू होगा।
दिसंबर 2026 तक और बड़े प्रोजेक्ट
सेतु निगम का दावा है कि अवध अंडरपास और साई नदी पर बन रहे सेतु के काम भी दिसंबर 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे। इससे शहर की यातायात व्यवस्था और मजबूत होगी।
यात्रियों और शहरवासियों को क्या फायदा?
- शहर से एयरपोर्ट और बड़ा बाइपास तक का सफर महज 10 मिनट में पूरा हो सकेगा।
- जाम की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी।
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा – पीलीभीत टाइगर रिजर्व और चूका बीच जैसे स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
- रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक का अलग प्रवाह रहेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड इन परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करने का दावा कर रहा है। ये पुल और आरओबी लखनऊ की 20 लाख से ज्यादा आबादी को बड़ी राहत देंगे। शहरवासियों के लिए यह अगले साल की बड़ी सौगात साबित होगी।

