56 लड़कियों को बेंगलुरु की नौकरी का झांसा, पटना ले जा रही ट्रेन में पकड़ी गईं, मानव तस्करी का शक

Human Trafficking: सिलीगुड़ी के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर 56 लड़कियों को बेंगलुरु में नौकरी का झांसा देकर पटना ले जाती ट्रेन में पकड़ा गया। आरपीएफ ने मानव तस्करी का शक जताते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया।

Samvadika Desk
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AI जनित प्रतीकात्मक इमेज
Highlights
  • सिलीगुड़ी में 56 लड़कियों को नौकरी का झांसा, ट्रेन में पकड़ी गईं!
  • बेंगलुरु का वादा, लेकिन लड़कियाँ ले जाई जा रही थीं बिहार!
  • एक महिला सहित दो लोग गिरफ्तार, नौकरी के दस्तावेज़ नहीं दिखा सके!

सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 56 लड़कियों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने न्यू जलपाईगुड़ी-पटना कैपिटल एक्सप्रेस से बचाया। टिकट चेकिंग के दौरान मानव तस्करी का शक होने पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। लड़कियों को बेंगलुरु में नौकरी का झूठा वादा किया गया था, लेकिन उन्हें बिहार ले जाया जा रहा था।

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ट्रेन में संदिग्ध यात्रा

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार देर रात न्यू जलपाईगुड़ी-पटना कैपिटल एक्सप्रेस में आरपीएफ की नियमित जाँच के दौरान 56 लड़कियों को एक साथ यात्रा करते देख संदेह हुआ। 18 से 31 साल की इन लड़कियों के पास वैध टिकट नहीं थे, केवल उनके हाथों पर कोच और बर्थ नंबर की मुहर थी। पूछताछ में पता चला कि उन्हें यह भी नहीं मालूम था कि उन्हें कहाँ ले जाया जा रहा है।

बेंगलुरु का झांसा, बिहार की राह

लड़कियाँ पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों की रहने वाली थीं। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें बेंगलुरु की किसी कंपनी में नौकरी का लालच दिया गया था। लेकिन ट्रेन बिहार जा रही थी, जो बताए गए गंतव्य से मेल नहीं खाता। यह विसंगति मानव तस्करी की आशंका को बल देती है।

दो लोग गिरफ्तार

जाँच में एक पुरुष और एक महिला को विरोधाभासी बयान देने पर गिरफ्तार किया गया। दोनों यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि बेंगलुरु की नौकरी का वादा होने के बावजूद लड़कियाँ बिहार क्यों ले जाई जा रही थीं। उनके पास नौकरी या यात्रा से संबंधित कोई वैध दस्तावेज़ नहीं था।

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मानव तस्करी की जाँच

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने संयुक्त रूप से जाँच शुरू की है, जिसमें मानव तस्करी का पहलू प्रमुख है। अधिकारियों ने रिपोर्टर को बताया कि लड़कियों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है, लेकिन मामले की तह तक जाने के लिए गहन पड़ताल जारी है।

सामाजिक और कानूनी सवाल

यह मामला नौकरी के नाम पर भोली-भाली लड़कियों को ठगने और संभावित मानव तस्करी के खतरों को उजागर करता है। यह समाज से सतर्कता और जागरूकता की माँग करता है, ताकि युवतियाँ ऐसे झूठे वादों के जाल में न फँसें।

पुलिस की कार्रवाई

आरपीएफ और जीआरपी इस नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने के लिए काम कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में और लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना नौकरी के लालच में होने वाले अपराधों पर कड़ा रुख अपनाने की ज़रूरत को दर्शाती है।

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