मऊ, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान माफियाओं और अपराधियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि अब उत्तर प्रदेश में किसी भी माफिया में इतनी हिम्मत नहीं बची है कि वह खुली जीप में घूमकर पिस्टल लहराते हुए किसी हिंदू को धमकी दे सके।
धार्मिक आयोजनों में कोई बाधा नहीं
सीएम योगी ने कहा कि त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों जैसे रामलीला, यज्ञ-कथा, जन्माष्टमी, रामनवमी, शिवरात्रि और रक्षाबंधन में किसी भी तरह का उपद्रव करने की किसी में हिम्मत नहीं है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसकी दुर्गति रावण और कंस जैसी ही होगी। बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा में कोई सेंध लगाने वाले को यमराज का इंतजार रहेगा।
2017 से पहले की अराजकता का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता का राज था। उन्होंने 2005 के मऊ दंगों का उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि कैसे रामलीला और भरत-मिलाप जैसे कार्यक्रमों के दौरान दंगे भड़काए जाते थे और निर्दोष लोगों का कत्लेआम होता था। माफियाओं को उस समय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था।
सपा पर सीधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में माफियाओं को देखकर नेता पसीना छूटने लगता था और उनकी जुबान बंद हो जाती थी। माफियाओं के सामने नतमस्तक रहने वाली सरकार आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाती थी। शोहदे बेटियों का अपहरण करते थे और व्यापारी सूर्यास्त से पहले दुकानें बंद करने को मजबूर होते थे।
विकास और सुरक्षा पर जोर
सीएम ने कहा कि अच्छी सरकार विकास के साथ-साथ सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है। विकास किसी की जाति नहीं देखता। सड़कें, पुल, अस्पताल और बाढ़ सुरक्षा का काम बिना भेदभाव के होता है। उन्होंने कहा कि जब गलत लोग चुने जाते हैं तो सुरक्षा में सेंध लगती है, जबकि सही लोगों के चुने जाने पर अच्छी सरकार बनती है।
सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री योगी ने अपनी सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश में 65 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराया गया है, पौने तीन करोड़ घरों में शौचालय बनाए गए हैं और 16 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन मिल रहा है। उन्होंने विपक्षी दलों से सवाल किया कि जब उन्होंने दशकों तक सत्ता संभाली तो उन्होंने ये काम क्यों नहीं किए?
यह कार्यक्रम मऊ में आयोजित किया गया था, जिसे पहले माफियाओं का गढ़ माना जाता था। सीएम योगी के सख्त और स्पष्ट संदेश ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानून व्यवस्था और विकास अब यूपी की प्राथमिकता है।

