लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं (18 फरवरी से 12 मार्च तक) को नकल मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए योगी सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शासनादेश जारी कर मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं। इस आदेश में सबसे अहम बात यह है कि परीक्षार्थियों के जूते-मोजे उतरवाकर तलाशी लेने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही महिला छात्राओं की तलाशी सिर्फ महिला शिक्षिकाएं ही कर सकेंगी।
मुख्य निर्देश और बदलाव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शासनादेश में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं:
- जूते-मोजे उतरवाने पर रोक: परीक्षा केंद्रों पर अब किसी भी छात्र-छात्रा के जूते-मोजे उतरवाकर तलाशी नहीं ली जाएगी।
- महिला छात्राओं की तलाशी: किसी भी महिला छात्रा की तलाशी पुरुष शिक्षक नहीं कर सकेंगे। यह काम केवल महिला शिक्षिकाएं ही करेंगी।
- विषय शिक्षक की ड्यूटी नहीं: जिस विषय का पेपर हो रहा है, उस विषय के शिक्षकों की ड्यूटी उस दिन केंद्र पर नहीं लगाई जाएगी।
- अभद्र व्यवहार पर रोक: केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक किसी भी परीक्षार्थी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं कर सकेंगे।
- वाह्य व्यक्तियों पर प्रतिबंध: परीक्षा केंद्रों पर वाह्य व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- फोटोग्राफी और मीडिया ब्रीफिंग पर रोक: परीक्षा के दौरान केंद्र पर फोटोग्राफी नहीं होगी। प्रेस और मीडिया को किसी भी तरह की ब्रीफिंग नहीं दी जाएगी।
सीसीटीवी और वॉइस रिकॉर्डर पर सख्ती
- परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे और वॉइस रिकॉर्डर की जांच होगी।
- अगर ये खराब होंगे तो तुरंत डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) और कंट्रोल रूम को सूचना देनी होगी।
- खराब होने की स्थिति में परीक्षा नहीं होगी।
- डीवीआर की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी अनिवार्य होगी।
- कापियां और प्रश्नपत्र भी सीसीटीवी और वॉइस रिकॉर्डर की निगरानी में ही पैक किए जाएंगे और संकलन केंद्र भेजे जाएंगे।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
- 50% वाह्य कक्ष निरीक्षक: परीक्षा केंद्रों पर 50% कक्ष निरीक्षक वाह्य (बाहर से) होंगे।
- औचक निरीक्षण: सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट रोजाना औचक निरीक्षण की रिपोर्ट डीएम और डीआईओएस को देंगे।
- परिचय पत्र जांच: परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र के साथ ही कक्ष निरीक्षकों और कर्मचारियों के परिचय पत्र भी जांचे जाएंगे।
- मोबाइल जमा: परीक्षा कार्य में लगे सभी कक्ष निरीक्षकों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट केंद्र के बाहर जमा कराए जाएंगे।
- उत्तर पुस्तिका पर रोल नंबर: परीक्षार्थी को उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर अपना रोल नंबर और उत्तर पुस्तिका क्रमांक लिखना अनिवार्य होगा। केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे।
- संवेदनशील केंद्रों पर सशस्त्र बल: संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती होगी।
नकल पर सख्ती और पारदर्शिता का संदेश
योगी सरकार ने नकल पर पूरी तरह नकेल कसने का संकल्प लिया है। डीआईओएस को निर्देश दिए गए हैं कि सीसीटीवी और वॉइस रिकॉर्डर खराब होने का बहाना बनाकर नकल नहीं होने दी जाएगी। परीक्षा के दौरान पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए ये नियम लागू किए गए हैं।
यह आदेश यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकल मुक्त और विश्वसनीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्रों पर सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल मिलेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

