भागलपुर: विक्रमशिला सेतु का 33 मीटर हिस्सा गंगा में धंस गया, दूध-केला-सब्जी की सप्लाई ठप, आम लोगों पर संकट

Bhagalpur News: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का करीब 33 मीटर लंबा हिस्सा अचानक गंगा नदी में धंस गया। इस घटना से गंगा पार के इलाकों से आने वाली दूध, केला, सब्जी और मछली जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति ठप हो गई है। पुल क्षतिग्रस्त होने से नवगछिया, सहरसा, पूर्णिया आदि क्षेत्रों से संपर्क कट गया है। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Samvadika Desk
4 Min Read
इमेज - सोशल मीडिया
Highlights
  • विक्रमशिला सेतु का 33 मीटर हिस्सा गंगा में धंस गया!
  • नवगछिया, सहरसा, पूर्णिया से संपर्क पूरी तरह कट गया!
  • पुल मरम्मत और वैकल्पिक रास्तों की तैयारी तेज!

भागलपुर, बिहार: बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का करीब 33 मीटर लंबा हिस्सा अचानक गंगा नदी में धंस गया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। पुल के टूटने से गंगा पार के इलाकों से आने वाली दूध, केला, सब्जी और मछली जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजों की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। आम लोगों को अब महंगाई और कमी दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

- Advertisement -

अचानक मचा हड़कंप

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह श्मशान घाट पर दाह संस्कार में लगे लोग और एंबुलेंस चालक गौतम मंडल ने सबसे पहले इस घटना को देखा। उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग सतर्क हो गए। कुछ ही मिनटों में गंगा तट पर भारी भीड़ जुट गई। लोग पाया संख्या 133 के पास खड़े होकर टूटे हिस्से को देख रहे थे। बरारी पुल घाट पर जाम की स्थिति बन गई।

सप्लाई चेन पर पड़ा असर

विक्रमशिला पुल का स्लैब ध्वस्त होने से शहर की दैनिक आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। खासकर आधी रात के बाद गंगा पार के इलाकों से छोटे व्यापारी साइकिल, ठेला, पिकअप और टोटो के जरिए भागलपुर शहर पहुँचते थे। अब यह आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। दूध, केला, सब्जी और मछली जैसी जरूरी चीजों की कमी हो सकती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होगी।

नवगछिया-मधेपुरा से संपर्क टूटा

पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद नवगछिया, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, मधेपुरा सहित बिहार का कोसी और सीमांचल क्षेत्र से आने वाले छोटे और मझोले कारोबारियों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। अब व्यापारियों के पास खगड़िया होते हुए आने का विकल्प भी फिलहाल आसान नहीं है। नाव के सहारे गंगा पार करने की व्यवस्था बनाने में कई दिन लग सकते हैं।

- Advertisement -

आम लोगों को झेलनी पड़ सकती है दिक्कत

आवागमन बाधित होने से शहर में सस्ती दरों पर मिलने वाली रोजमर्रा की चीजों की कमी हो सकती है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ने वाला है। प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं, लेकिन हालात सामान्य होने में समय लग सकता है। लोग अब नाव और अन्य साधनों का सहारा ले रहे हैं।

प्रशासन की तैयारी

भागलपुर प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। पुल की मरम्मत और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था पर काम चल रहा है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही स्थिति सामान्य करने की कोशिश की जाएगी। इस बीच लोगों से अपील की गई है कि वे घबराएँ नहीं और वैकल्पिक व्यवस्था का उपयोग करें।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

यह घटना न केवल यातायात, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल रही है। छोटे व्यापारी और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गाँव में इस घटना ने चिंता का माहौल बना दिया है। लोग अब प्रशासन से जल्द मरम्मत और स्थायी समाधान की माँग कर रहे हैं। यह मामला बिहार में पुरानी पुलों की सुरक्षा और रखरखाव पर भी सवाल उठा रहा है।

- Advertisement -
Share This Article