सुपौल, बिहार: सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के मिरजावा पंचायत के वार्ड 15 ठाकुर टोला में एक शादी समारोह उस वक्त विवादास्पद हो गया, जब दूल्हा नशे की हालत में वरमाला के लिए स्टेज पर पहुंचा। दुल्हन ने साहस दिखाते हुए शादी से साफ इनकार कर दिया। नशेड़ी दूल्हे की हरकतों से आहत दुल्हन के परिवार और ग्रामीणों ने सारे उपहार और नकद राशि लौटा दी। बारात के अधिकांश लोग तो चले गए, लेकिन दूल्हा, उसके पिता और कुछ रिश्तेदारों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। आखिरकार गुरुवार शाम दूल्हे पक्ष ने सारे उपहार और नकद वापस करने के बाद ही उन्हें मुक्त किया गया।
क्या हुआ था उस रात?
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र निवासी विलास ठाकुर अपने बेटे राजेश कुमार की बारात लेकर बुधवार रात त्रिवेणीगंज पहुंचे थे। प्रारंभिक रस्में पूरी होने के बाद जब दूल्हे को वरमाला के लिए स्टेज पर लाया गया, तो वह नशे में लड़खड़ा रहा था। स्टेज पर ही उसने असामान्य हरकतें शुरू कर दीं। यह देखकर वहां मौजूद दुल्हन नेहा कुमारी और उसके परिजन स्तब्ध रह गए। दुल्हन ने अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए तुरंत शादी करने से इनकार कर दिया।
इस फैसले से दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध जताया। बारात के ज्यादातर लोग मौके से निकल गए, लेकिन दूल्हा राजेश, उसके पिता विलास ठाकुर और कुछ अन्य रिश्तेदारों को ग्रामीणों ने रोक लिया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक शादी में दिए गए सारे उपहार और नकद राशि वापस नहीं होगी, किसी को जाने नहीं दिया जाएगा।
गुरुवार शाम लौटे उपहार, फिर मुक्त हुए दूल्हा-पिता
गुरुवार शाम दूल्हे पक्ष ने शादी में दिए गए सभी उपहार और नकद राशि वापस कर दी। इसके बाद ग्रामीणों ने दूल्हा और उसके पिता को मुक्त कर दिया और बारात को वापस जाने दिया। पूरे मामले में पुलिस को कोई सूचना नहीं मिली। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं है।
दुल्हन का साहसिक फैसला, लोग कर रहे सराहना
दुल्हन नेहा कुमारी ने नशेड़ी दूल्हे से शादी से इनकार कर महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है। पूरे क्षेत्र में इस घटना की चर्चा हो रही है। लोग दुल्हन के साहस और फैसले की तारीफ कर रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि यह फैसला युवतियों के लिए प्रेरणा है कि वे अपने भविष्य के साथ समझौता न करें।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि शादी जैसे पवित्र बंधन में नशे और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कितना बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। सुपौल में यह मामला इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

