बड़वानी, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के पलसूद में लव जिहाद का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी मचा दी है। एक मुस्लिम युवती ने 15 साल की नाबालिग हिंदू लड़की को फोन कर अपने भाई से प्यार करने और बात करने का दबाव बनाया। इस मामले में हिंदू संगठनों ने थाने पर हंगामा किया और कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर 4 को गिरफ्तार कर लिया है।
नाबालिग पर दबाव
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पलसूद के एक गाँव की 15 वर्षीय कक्षा 10 की छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज की कि 12 सितंबर की रात उसे बार-बार फोन कॉल्स आए। जब उसने एक कॉल उठाया, तो एक मुस्लिम युवती ने उसे अपने भाई (एक नाबालिग लड़के) से बात करने और प्यार करने का दबाव डाला। डरी हुई छात्रा ने अपने पिता को इसकी जानकारी दी। FIR के अनुसार, मुख्य आरोपी (नाबालिग) और उसके दोस्त शोएब, शमशु, राजा, और रमजान उसका पीछा करते थे और शादी के लिए दबाव बनाते थे। 13 सितंबर की सुबह राजा और रमजान ने पीड़िता के घर जाकर पुलिसकर्मी से रिश्तेदारी का हवाला देते हुए धमकी दी।
पुलिस की कार्रवाई
बड़वानी के ASP धीरज बब्बर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आमीन, आवेश, शोएब समेत 7 बालिग और 2 नाबालिग के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश, POCSO एक्ट, और BNSS की धाराओं 78, 351(2), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी (नाबालिग) सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हंगामे के बाद पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
हिंदू संगठनों का हंगामा
हिंदू संगठनों ने शनिवार रात पलसूद थाने का घेराव किया और पुलिस पर कार्रवाई में देरी और समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया। हिंदू समाज के नेता हुकुमचंद राठौर ने दावा किया कि शिकायत के 24 घंटे बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लव जिहाद का एक रैकेट सक्रिय है, जो सुनियोजित तरीके से हिंदू लड़कियों को निशाना बना रहा है। संगठनों ने इस साजिश के पूरे नेटवर्क की जाँच की माँग की।
पुलिस का जवाब
राजपुर के SDOP आयुष अलावा ने स्पष्ट किया कि फरियादी पक्ष ने 12 सितंबर की रात शिकायत दी थी, लेकिन प्रकरण दर्ज करने की स्पष्ट मंशा नहीं जताई थी। थाने पर हंगामे के बाद तुरंत FIR दर्ज की गई। उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ ने किसी भी आरोपी के घर को नुकसान नहीं पहुँचाया। पुलिस अब मामले की गहन जाँच कर रही है और बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
सामाजिक और कानूनी सवाल
यह मामला लव जिहाद, नाबालिगों की सुरक्षा, और सामाजिक संवेदनशीलता जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है। एक नाबालिग लड़की पर इस तरह का दबाव डालना और धमकियाँ देना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह सामाजिक विश्वास को भी ठेस पहुँचाता है। यह घटना समाज से जागरूकता, परिवारों से बच्चों पर नजर, और प्रशासन से कठोर कार्रवाई की माँग करती है। साथ ही, यह सवाल उठता है कि क्या ऐसे संगठित रैकेट्स को रोकने के लिए और सख्त कानूनी ढांचे की जरूरत है।
बड़वानी में हलचल
इस घटना ने बड़वानी में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। हिंदू संगठनों का हंगामा और पुलिस की कार्रवाई स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला गूँज रहा है, और लोग इस साजिश के पीछे के नेटवर्क और पुलिस की जाँच पर नजर रखे हुए हैं। यह प्रकरण न केवल कानूनी, बल्कि सामाजिक और धार्मिक स्तर पर भी गहरी बहस छेड़ रहा है।

