इंदौर, मध्य प्रदेश: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद परिवार के अंदर तनाव और बढ़ गया है। सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने पहली बार खुलकर बयान दिया और कहा कि सोनम की जमानत में उनका कोई हाथ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब बहन से कोई संबंध नहीं रखना चाहते। यह बयान पूरे मामले को नया मोड़ दे रहा है और परिवार के बीच गहरे दरार को उजागर कर रहा है।
गोविंद का साफ-साफ बयान
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, गोविंद रघुवंशी ने कहा कि वे शुरू से ही पीड़ित पक्ष के साथ खड़े हैं और आज भी उसी पक्ष में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सोनम की जमानत के लिए उन्होंने कोई निजी वकील नहीं रखा और न ही कोई पहल की। सूचना मिलने के बाद उनके पिता कानूनी औपचारिकताओं के लिए शिलांग गए थे। गोविंद ने आरोप लगाया कि राजा रघुवंशी का परिवार लगातार उन पर आरोप लगा रहा है, जबकि वे खुद इस पूरे मामले में पीड़ित महसूस कर रहे हैं।
मानसिक रूप से टूट चुके हैं गोविंद
गोविंद ने गंभीर भावनात्मक दबाव का जिक्र करते हुए कहा कि इस पूरे मामले ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन पर लगातार दबाव और आरोप लगाए जाते रहे, तो वे आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर भी मजबूर हो सकते हैं। उनका यह बयान परिवार के अंदर चल रहे तनाव को सार्वजनिक रूप से सामने लाया है।
सोनम शिलांग में रहेगी
गोविंद ने बताया कि फिलहाल सोनम शिलांग में ही रहेगी और उसे अदालत के आदेशों का पालन करना होगा। अदालत ने सोनम के लिए शर्त रखी है कि वह बिना अनुमति कहीं नहीं जा सकेगी और हर पेशी पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
वकील का बयान
इस प्रकरण में सोनम और अन्य अभियुक्तों की ओर से पैरवी कर रहे इंदौर के वकील देवेश शर्मा ने कहा कि जांच के दौरान कई अहम बिंदुओं को मजबूत तरीके से स्थापित नहीं किया जा सका, जिसका लाभ अदालत में मिला और जमानत स्वीकृत हुई। अब इस फैसले के बाद सभी की नजर आगामी सुनवाई और मुकदमे की दिशा पर बनी हुई है।
मामले पर सियासी और सामाजिक बहस
सोनम को जमानत मिलने के बाद परिवार के अंदर की दरार सार्वजनिक हो गई है। गोविंद का बयान आने के बाद पूरे घटनाक्रम पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। लोग अब इस बात पर बहस कर रहे हैं कि परिवार के अंदर का यह टूटना और आरोप-प्रत्यारोप आगे जाकर कैसे प्रभावित करेगा। पुलिस और कोर्ट दोनों की नजर अब मामले की आगे की प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
मेघालय पुलिस की जांच पर सवाल
इस जमानत आदेश ने मेघालय पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या जांच में कोई कमी रह गई थी, जिसके कारण आरोपी को जमानत मिल गई। पुलिस अब नए सिरे से सबूतों की जाँच कर रही है और आगे की सुनवाई में क्या होता है, यह देखना बाकी है।

