कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक चौंकाने वाली घटना ने सबको हैरान कर दिया। सैंथिया के रहने वाले बापी मंडल ने नौ साल पुरानी शादी को खत्म कर अपनी पत्नी पंचमी की शादी अपने दोस्त जीतकुमार मिर्धा से करा दी। सैंथिया के नंदिकेशरी सतीपीठ मंदिर में हुई इस शादी को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। बापी ने खुले मंच पर कहा, “आज से मैं आजाद हूं। मेरी पूर्व पत्नी अब मेरे दोस्त की जिम्मेदारी है। वह ही उसका ख्याल रखेगा।”
नौ साल पहले हुई थी शादी, शुरू से कलह
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, बापी मंडल (सैंथिया वार्ड नंबर 8) और पंचमी मंडल (तारापीठ निवासी) की शादी करीब नौ साल पहले हुई थी। दंपती का एक सात साल का बेटा भी है। लेकिन शादी के शुरुआती दिनों से ही दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए। विवाद इतने बढ़े कि पंचमी ने पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला कोर्ट तक पहुंच गया। इसके बाद पंचमी अपने मायके चली गईं और बेटा बापी के पास रहने लगा। कोर्ट केस चलता रहा, लेकिन रिश्ते में सुधार नहीं हुआ।
दोस्त से बढ़ी नजदीकियां, प्रेम में बदली दोस्ती
इसी दौरान पंचमी की बापी के करीबी दोस्त जीतकुमार मिर्धा (सैंथिया वार्ड नंबर 16) से नजदीकियां बढ़ीं। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई। जब यह बात दोनों परिवारों को पता चली, तो हंगामा मच गया। बापी को लगा कि उसका रिश्ता अब बचने वाला नहीं है। पंचमी ने वादा किया कि अगर जीतकुमार से शादी की इजाजत मिली, तो वह बापी के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस ले लेगी।
मंदिर में शादी, बापी बना गवाह
सोमवार सुबह बापी अचानक पंचमी और जीतकुमार को लेकर नंदिकेशरी सतीपीठ मंदिर पहुंचे। मंदिर में वैदिक रीति से दोनों की शादी कराई गई। बापी खुद गवाह बने और नवदंपती को आशीर्वाद दिया। शादी के तुरंत बाद पंचमी ने कोर्ट में बापी के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की अर्जी दे दी। बापी ने कहा, “मैंने यह फैसला सोच-समझकर लिया। अब मैं आजाद हूं और मेरा दोस्त मेरी पूर्व पत्नी की जिम्मेदारी संभालेगा।”
गांव में चर्चा का विषय
घटना के बाद पूरे सैंथिया में हलचल मच गई। मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ ने इसे आधुनिक सोच बताया, तो कुछ ने पारंपरिक रिश्तों पर सवाल उठाए। बापी का बेटा अभी उसके पास ही रहेगा। पंचमी ने कहा कि वह नए जीवन की शुरुआत करना चाहती थीं और बापी ने सहयोग किया। यह अनोखी शादी अब इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।

