नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को प्रचंड बहुमत प्रदान किया है। एनडीए ने 206 सीटों पर बढ़त बनाई है, जो डबल सेंचुरी का आंकड़ा पार करता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस जीत को “विकसित बिहार” के सपने को समर्पित करते हुए बिहारवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जनादेश जंगलराज और तुष्टिकरण की राजनीति को पूरी तरह नकारता है। जनता अब सिर्फ “परफॉर्मेंस की राजनीति” पर भरोसा करती है।
अमित शाह का संदेश: माताओं-बहनों को आश्वासन
शुक्रवार शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए अमित शाह ने कहा, “यह विकसित बिहार में विश्वास रखने वाले हर बिहारवासी की जीत है। जंगलराज और तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों को, चाहे वे किसी भी भेष में आएं, लूट का कोई मौका नहीं मिलेगा। जनता अब सिर्फ परफॉर्मेंस के आधार पर जनादेश देती है।” उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम नीतीश कुमार और एनडीए के सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को बधाई दी। विशेष रूप से बिहार बीजेपी के बूथ स्तर से प्रदेश स्तर तक के कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया।
अमित शाह ने बिहार की जनता, खासकर माताओं-बहनों को आश्वस्त किया, “जिस आशा और विश्वास के साथ आपने एनडीए को यह जनादेश दिया है, मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार उससे कहीं अधिक समर्पण से उसे पूरा करेगी।” उन्होंने कहा कि यह जीत महिलाओं की सुरक्षा, गरीब कल्याण, सुशासन और विकास की नीतियों पर जनता का पूर्ण विश्वास दर्शाती है।
जेपी नड्डा का बयान: डबल इंजन सरकार की मुहर
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा, “बिहार के भाई-बहनों को बहुत-बहुत प्रणाम। जय सिया राम।” नड्डा ने इसे पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी और जनकल्याणकारी नीतियों पर जनता का विश्वास बताया।
नड्डा ने जोर दिया कि यह प्रचंड बहुमत महागठबंधन के जंगलराज और भ्रष्टाचार को नकारते हुए एनडीए के सुशासन, स्थिरता और विकास को स्वीकार करने का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “यह अभूतपूर्व जनादेश ‘विकसित बिहार-विकसित भारत’ के संकल्प को साकार रूप देगा। एनडीए दलों के सभी सदस्यों और बिहार बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। बिहारवासियों का अभिनंदन।”
एनडीए की डबल सेंचुरी: 206 सीटों पर बढ़त, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी
शाम पौने पांच बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, एनडीए 206 सीटों पर आगे चल रहा है, जिसमें से 15 पर जीत दर्ज हो चुकी है। भाजपा 91 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। महागठबंधन महज 30 सीटों पर सिमट गया, जिसमें एक पर जीत मिली और 29 पर बढ़त है। एनडीए की यह जीत बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एनडीए की जीत में महिलाओं का मजबूत समर्थन, गैर-यादव पिछड़े वर्गों और दलित वोटों का एकजुट होना तथा अमित शाह की माइक्रो-मैनेजमेंट रणनीति मुख्य भूमिका निभाई। बिहार में डबल इंजन सरकार की कल्याण योजनाओं ने जनता को प्रभावित किया। अब नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी, और ‘विकसित बिहार’ का सपना नया रंग लेगा।

