बरेली, उत्तर प्रदेश: नाथ नगरी बरेली अब विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने की राह पर है। बरेली नगर निगम ने रूस के आठवें सबसे बड़े शहर कजान के साथ ‘सिस्टर सिटी’ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर लिए हैं। इससे बरेली उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन गया है जो रूस के कजान शहर के साथ मिलकर शहरी विकास, स्वच्छता, यातायात, शिक्षा, चिकित्सा और वित्तीय प्रबंधन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग करेगा। यह पहल बरेली को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
समझौते का उद्देश्य और दायरा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को महापौर डॉ. उमेश गौतम और कजान शहर के प्रतिनिधिमंडल के बीच यह समझौता हुआ। ‘सिस्टर सिटी’ अवधारणा के तहत दोनों शहर एक-दूसरे के साथ स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, टेक्नोलॉजी, सीवरेज सिस्टम, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और शहरी समस्याओं के समाधान में सहयोग करेंगे। वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी दोनों शहर मिलकर काम करेंगे। इससे बरेली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर मिलेंगे और शहर का समग्र विकास तेज होगा।
दिल्ली-2047 सम्मेलन में हुआ समझौता
यह एमओयू आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट (AIILSG) द्वारा अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘दिल्ली-2047 सम्मेलन’ के दौरान हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के शहरी विशेषज्ञ, महापौर, नीति निर्माता और शिक्षाविद शामिल हुए। यहां भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक शहरों के भविष्य और विकास की दिशा पर विस्तार से चर्चा हुई।
सम्मेलन में बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम ने शहरों की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शहरों के समग्र और समावेशी विकास के लिए नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना, स्वच्छता, सतत शहरी सेवाएं और सुशासन को मजबूत करना बहुत जरूरी है।
AIILSG की सराहना और बरेली के प्रयास
महापौर ने आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट (AIILSG) की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान पिछले कई दशकों से भारत में शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने, क्षमता निर्माण, नीति संवाद और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। बरेली में भी AIILSG के सहयोग से स्वच्छता, जनजागरूकता और शहरी प्रबंधन से जुड़े कई प्रयासों को मजबूती मिली है।
महापौर ने बरेली शहर में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और बेहतर शहरी सेवाओं की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की। सम्मेलन के दौरान उन्होंने रूसी शहरों के प्रतिनिधियों के साथ पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शहरी विकास में सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमओयू का आदान-प्रदान किया।
बरेली के लिए नए अवसर
यह समझौता बरेली के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग के नए द्वार खोलेगा। शहर में स्वच्छता, यातायात, शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में रूस की तकनीक और अनुभव का लाभ मिल सकेगा। महापौर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि आने वाले समय में शहरों के समग्र विकास के लिए नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और सुशासन को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।
यह पहल बरेली को स्मार्ट और ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रूस के कजान शहर के साथ यह साझेदारी न सिर्फ बरेली, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के शहरी विकास को नई दिशा देगी। अब देखना होगा कि यह समझौता धरातल पर कितना प्रभावी साबित होता है।

