हरदोई: दूसरे समुदाय के युवक संग भागी, पति से बोली- “जहर खा लो, मुझे फर्क नहीं”, 4 बच्चों की माँ ने तोड़ा 20 साल का रिश्ता

Hardoi News: हरदोई के शाहाबाद में एक 4 बच्चों की माँ ने 20 साल का रिश्ता तोड़कर दूसरे समुदाय के युवक हाकिम के साथ भागकर पति को धोखा दिया। पत्नी के कठोर शब्दों, "जहर खा लो, मुझे फर्क नहीं", से आहत मजदूर पति ने आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में सांप्रदायिक तनाव भड़क गया।

Samvadika Desk
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एम्बुलेंस से मृतक को उतारते हुए (इमेज - सोशल मीडिया)
Highlights
  • हरदोई में 20 साल की शादी टूटी, पत्नी ने पति को जहर खाने को कहा!
  • मजदूर पति ने पत्नी की बेवफाई से टूटकर आत्महत्या कर ली!
  • पत्नी मोहल्ले के हाकिम के साथ भागी, सांप्रदायिक तनाव भड़का!

हरदोई, उत्तर प्रदेश: हरदोई के शाहाबाद में एक दिल दहलाने वाली घटना ने रिश्तों की नाजुकता को उजागर कर दिया। 20 साल की शादी और चार बच्चों की जिम्मेदारी निभाने वाले एक मजदूर पति ने पत्नी की बेवफाई और कड़वे शब्दों से टूटकर जहर खा लिया और अपनी जान गँवा दी। पत्नी मोहल्ले के एक युवक के साथ भाग गई थी, जिसके बाद यह त्रासदी सामने आई।

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पत्नी की बेरुखी और बेवफाई

शाहाबाद के एक मजदूर ने अपनी पत्नी और चार बच्चों का पालन-पोषण 20 साल तक मेहनत से किया। लेकिन पत्नी ने मोहल्ले में रहने वाले दूसरे समुदाय के युवक हाकिम के साथ भागकर उसके विश्वास को तोड़ दिया। मरने से पहले अस्पताल में मजदूर ने बताया कि पत्नी ने उससे कहा, “जहर खा लो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” इन शब्दों ने उसे इस कदर तोड़ा कि उसने आत्महत्या कर ली।

बेटी ने की पुष्टि

मृतक की बेटी ने अपने पिता की आपबीती की पुष्टि की। उसने बताया कि पिता पत्नी की बेवफाई से गहरे सदमे में थे। पत्नी के कठोर शब्द और दूसरे युवक के साथ भागने की घटना ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

सांप्रदायिक तनाव

मामले ने और तूल पकड़ा क्योंकि पत्नी का साथी दूसरे समुदाय का है। इससे शाहाबाद में तनाव का माहौल बन गया। गुस्साए स्थानीय लोग थाने पर जमा हो गए और माँग की कि फरार पत्नी और हाकिम को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। भीड़ का गुस्सा इस घटना की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

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पुलिस की कार्रवाई

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने मृतक के परिवार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जाँच शुरू कर दी है। मृतक की तस्वीर और अस्पताल में उसके इलाज के दृश्य इस त्रासदी की गंभीरता को बयां करते हैं। पुलिस अब फरार पत्नी और हाकिम की तलाश में जुटी है, ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आए।

सामाजिक और भावनात्मक सवाल

यह घटना रिश्तों में विश्वास, पारिवारिक जिम्मेदारी, और सांप्रदायिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है। पत्नी के कठोर शब्द और बेवफाई ने न केवल एक परिवार को तोड़ा, बल्कि समाज में तनाव भी पैदा किया। यह समाज से आपसी समझ और संवेदनशीलता की माँग करता है।

आगे की उम्मीद

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जाँच करेगी और दोषियों को सजा देगी। यह त्रासदी रिश्तों की नाजुकता और सामाजिक एकता की जरूरत को रेखांकित करती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस दुखद घटना के पीछे के कारणों का खुलासा हो सकता है।

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