बरेली: काशी और अयोध्या के बाद अब नाथ नगरी बनने की दिशा में तेजी, योगी सरकार ने 100 करोड़ रुपये की कई योजनाओं को दी मंजूरी

Bareilly News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपने के अनुरूप बरेली को नाथ नगरी बनाने की दिशा में तेजी आई है। पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने त्रिवटी नाथ मंदिर में नाथ कॉरिडोर परियोजना की समीक्षा की। बरेली में 98 से 100 करोड़ रुपये की कई धार्मिक और पर्यटन योजनाओं को मंजूरी दी गई है। सात प्रमुख नाथ मंदिरों को जोड़ने वाला नाथ कॉरिडोर और अन्य मंदिरों का विकास कार्य चल रहा है।

Samvadika Desk
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बरेली में कई परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास
Highlights
  • बरेली अब नाथ नगरी बनने की राह पर तेजी से आगे!
  • 98 से 100 करोड़ रुपये की धार्मिक-पर्यटन योजनाओं को मंजूरी!
  • अयोध्या-काशी जैसा रूप मिलेगा बरेली को – योगी सरकार!

बरेली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपने को हकीकत में बदलने के लिए बरेली को नाथ नगरी के रूप में स्थापित करने की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। प्रेमनगर के त्रिवटी नाथ मंदिर में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने नाथ कॉरिडोर परियोजना को बरेली के धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र के लिए बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार पुराने मंदिरों की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, जिससे पूरे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और मजबूत हो रही है।

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98 से 100 करोड़ रुपये की योजनाएँ

पर्यटन मंत्री ने मीडिया को बताया कि बरेली में करीब 98 से 100 करोड़ रुपये की धार्मिक और पर्यटन से जुड़ी कई योजनाओं पर काम चल रहा है। नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत शहर के सात मुख्य नाथ मंदिरों को एक साथ जोड़कर एक बड़ा धार्मिक मार्ग तैयार किया जा रहा है। इससे धार्मिक यात्रा को नई गति मिलेगी और साथ ही स्थानीय स्तर पर व्यापार, रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी। मंत्री ने मंदिर में बाबा के दर्शन किए और जलाभिषेक कर प्रदेश की समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर 24.30 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी हुआ।

अयोध्या-काशी जैसा रूप मिलेगा बरेली को

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि अयोध्या, काशी और मथुरा में जिस तरह बदलाव देखने को मिला है, उसी तरीके से बरेली को भी नई ऊँचाई दी जा रही है। नाथ कॉरिडोर के पूरा होने के बाद बरेली धार्मिक यात्रियों का प्रमुख गंतव्य बनकर उभरेगा। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि अयोध्या, काशी और प्रयागराज के बाद बरेली में धार्मिक पर्यटन से जुड़े सबसे ज्यादा विकास कार्य हो रहे हैं। सरकार मंदिरों, घाटों और पवित्र स्थानों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ रही है, ताकि आने वाले श्रद्धालु बेहतर अनुभव ले सकें।

वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा पूरा मंदिर परिसर

कार्यक्रम की शुरुआत श्री त्रिवटीनाथ संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों द्वारा वैदिक स्वस्तिवाचन और मंत्रोच्चार से हुई। मंदिर के पूरे परिसर में भक्ति और शांति का अनुपम वातावरण छाया रहा। इस मौके पर सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायक डॉ. एमएल मौर्य, डॉ. एमपी आर्या, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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इन धार्मिक स्थलों का हो रहा विकास

नाथ कॉरिडोर और पर्यटन विकास योजना के अंतर्गत तपेश्वर नाथ मंदिर, त्रिवटीनाथ मंदिर, पशुपति नाथ मंदिर, वनखंडी नाथ मंदिर, अलखनाथ मंदिर, बड़ा बाग हनुमान मंदिर, तुलसी मठ, अहिच्छत्र जैन मंदिर, नानकपुरी गुरुद्वारा जैसे कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण तथा उन्नयन कार्य चल रहा है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य बरेली को आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है।

बरेली के लिए नया अध्याय

यह परियोजना बरेली को नई पहचान देने वाली साबित होगी। स्थानीय लोग और श्रद्धालु अब नाथ कॉरिडोर के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। योगी सरकार की यह पहल न सिर्फ बरेली, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा प्रदान कर रही है। बरेली अब धार्मिक पर्यटन, आध्यात्मिकता और आर्थिक उन्नति का नया केंद्र बनने की राह पर है।

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