बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली की मशहूर यूट्यूबर साक्षी मिश्रा ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ एक और FIR दर्ज कराई है। इस बार उन्होंने ससुर हरीश नायक, जेठ अभिषेक, चचिया ससुर शील कुमार और दादी सास सुशीला पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। साक्षी के ससुर हरीश नायक लक्खी शाह क्रांतिकारी समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, और उनके खिलाफ अब तक चार FIR दर्ज हो चुकी हैं।
साक्षी के आरोप
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, साक्षी ने इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह को बताया कि उनके ससुर हरीश नायक, जेठ अभिषेक, चचिया ससुर शील कुमार और दादी सास सुशीला लगातार उन्हें और उनके पति अजितेश को धमकाते हैं। साक्षी का दावा है कि ससुराल वाले उन्हें पहले दर्ज मुकदमे वापस लेने का दबाव डाल रहे हैं, वरना उन्हें और उनके बच्चे को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। साक्षी ने बताया कि 20 अगस्त को अजितेश ने ससुराल वालों द्वारा उनके कमरे के बाहर ऑडियो रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने का विरोध किया, तो ससुर और दादी सास ने गाली-गलौज की और धमकी दी कि “तेरा जल्द इंतजाम करेंगे, चाहे जेल जाना पड़े।”
जासूसी का आरोप
साक्षी ने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने उनके कमरे के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाकर उनकी जासूसी शुरू की है। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने केवल समझाइश देकर आरोपियों को छोड़ दिया, और कैमरे अब तक नहीं हटाए गए। साक्षी ने दादी सास पर गाली देने का आरोप लगाते हुए ऑडियो रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर पेश करने का दावा किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
ससुर का पलटवार
हरीश नायक ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि साक्षी और अजितेश उनके ही घर में रहकर उनसे अभद्रता करते हैं। हरीश ने दावा किया कि साक्षी ने उनके परिवार के खिलाफ पहले भी तीन FIR दर्ज कराई हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर पुलिस ने कभी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा, “हमारी तहरीरों को पुलिस अनसुना कर देती है, जबकि साक्षी की हर शिकायत पर तुरंत FIR दर्ज हो जाती है।” हरीश ने इस नई FIR की जानकारी न होने की बात कही, लेकिन इसे बदले की कार्रवाई बताया।
पुलिस की कार्रवाई
इज्जतनगर पुलिस ने साक्षी की तहरीर पर ससुर हरीश नायक, जेठ अभिषेक, चचिया ससुर शील कुमार और दादी सास सुशीला के खिलाफ गाली-गलौज और धमकी देने का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है और साक्षी के पेश किए गए ऑडियो सबूतों की पड़ताल की जा रही है। यह भी जाँच हो रही है कि क्या ससुराल वालों ने वाकई जासूसी के लिए सीसीटीवी लगवाए थे। मामले की विवेचना जारी है।
सामाजिक और कानूनी सवाल
यह मामला पारिवारिक विवाद, बदनामी, और कानूनी दुरुपयोग जैसे मुद्दों को उजागर करता है। साक्षी मिश्रा की यूट्यूबर के रूप में पहचान और उनके ससुर की राजनीतिक पृष्ठभूमि ने इस विवाद को और सुर्खियों में ला दिया है। यह घटना समाज से संवाद, पारिवारिक रिश्तों में विश्वास, और पुलिस से निष्पक्ष जाँच की माँग करती है। साक्षी के बार-बार मुकदमे दर्ज करने और ससुर के जवाबी आरोपों ने इस मामले को जटिल बना दिया है।
बरेली में हलचल
साक्षी मिश्रा का यह मामला बरेली में चर्चा का केंद्र बन गया है। लोग साक्षी और उनके ससुराल के बीच चल रहे इस विवाद को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। हरीश नायक की राजनीतिक छवि और साक्षी की सोशल मीडिया उपस्थिति ने इस मामले को और सनसनीखेज बना दिया है। लोग पुलिस की जाँच और कोर्ट के फैसले पर नजर रखे हुए हैं। यह प्रकरण न केवल पारिवारिक, बल्कि सामाजिक और कानूनी स्तर पर भी बहस का विषय बन गया है।

