हरदोई, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 2018 से लापता घोषित एक व्यक्ति इंस्टाग्राम रील में दूसरी महिला के साथ नजर आया। उसकी पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने जाँच की, तो सनसनीखेज सच्चाई सामने आई कि उसने खुद गायब होने का नाटक रचा और दूसरी शादी कर नई जिंदगी शुरू कर दी। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
शादी और दहेज उत्पीड़न
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संडीला क्षेत्र के जितेंद्र कुमार उर्फ बबलू की शादी 2017 में शीलू से हुई थी। लेकिन शादी के एक साल के भीतर ही उनके रिश्ते बिगड़ गए। शीलू ने आरोप लगाया कि जितेंद्र और उसके परिवार ने दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया, सोने की चेन और अंगूठी की माँग की, और माँग पूरी न होने पर उसे घर से निकाल दिया। शीलू के परिवार ने जितेंद्र के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया। इस बीच, 20 अप्रैल 2018 को जितेंद्र के पिता ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की, और पुलिस ने लंबी तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं पाया।
हत्या का आरोप
जितेंद्र की गुमशुदगी के बाद उसके परिवार ने शीलू और उसके रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया, दावा किया कि उन्होंने जितेंद्र को मारकर उसका शव गायब कर दिया। शीलू इन आरोपों के बीच अपने पति की खैरियत की उम्मीद में सात साल तक इंतजार करती रही। इस दौरान पुलिस जाँच में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
रील्स ने खोला राज
सात साल बाद, शीलू को एक इंस्टाग्राम रील में जितेंद्र किसी दूसरी महिला के साथ दिखाई दिया। उसे तुरंत पहचानकर उसने संडीला कोतवाली पुलिस को सूचना दी। शीलू ने बताया कि रील में जितेंद्र खुशी-खुशी दूसरी महिला के साथ नजर आ रहा था, जिसने उसे गहरा सदमा दिया। उसने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की माँग की।
पुलिस जाँच और गिरफ्तारी
संडीला क्षेत्राधिकारी (CO) संतोष सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि शीलू की शिकायत और रील के सबूत के आधार पर पुलिस ने जाँच शुरू की। जाँच में पता चला कि जितेंद्र ने जानबूझकर गायब होने का नाटक रचा था। वह लुधियाना चला गया, जहाँ उसने दूसरी महिला से शादी कर नई जिंदगी शुरू की। उसकी ऑनलाइन मौजूदगी ने उसकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने जितेंद्र को हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ दो शादियाँ करने, धोखाधड़ी, और दहेज उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
सामाजिक और कानूनी सवाल
यह घटना विश्वासघात, दहेज उत्पीड़न, और सोशल मीडिया की भूमिका जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है। जितेंद्र का खुद को गायब दिखाकर नई जिंदगी शुरू करना और शीलू का सात साल तक इंतजार करना रिश्तों में विश्वास की कमी को दर्शाता है। यह मामला समाज से जागरूकता, परिवारों से रिश्तों में पारदर्शिता, और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की माँग करता है। साथ ही, यह सवाल उठता है कि क्या सोशल मीडिया अनजाने में सच्चाई को उजागर करने में मददगार हो सकता है।
हरदोई में हलचल
इस घटना ने हरदोई में सनसनी मचा दी है। लोग जितेंद्र के धोखे और शीलू की हिम्मत की चर्चा कर रहे हैं। रील के जरिए सच्चाई सामने आने की बात ने इस मामले को और रोचक बना दिया है। लोग पुलिस की कार्रवाई और जितेंद्र के खिलाफ होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं। यह प्रकरण न केवल व्यक्तिगत, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी बहस का विषय बन गया है।

