जेवर एयरपोर्ट का इंतजार खत्म! 28 मार्च को पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, नोएडा के रियल एस्टेट मार्केट पर क्या होगा असर?

Noida International Airport: सालों के इंतजार के बाद आखिरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का उद्घाटन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च 2026 को सुबह 11:30 बजे इस भव्य प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे। एयरपोर्ट के ऐलान के बाद ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट मार्केट में जोरदार तेजी आ गई है। पिछले पांच सालों में जेवर क्षेत्र में अपार्टमेंट की कीमतें करीब तीन गुना और प्लॉट्स की वैल्यू 1.5 से 5 गुना तक बढ़ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उद्घाटन के बाद बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग में और भारी उछाल आएगा।

Samvadika Desk
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जेवर एयरपोर्ट (इमेज - सोशल मीडिया)
Highlights
  • जेवर एयरपोर्ट का लंबा इंतजार खत्म! 28 मार्च को PM मोदी करेंगे उद्घाटन!
  • नोएडा-ग्रेटर नोएडा रियल एस्टेट मार्केट में जोरदार उछाल, एयरपोर्ट ने पहले ही कीमतें बढ़ा दीं!
  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र के आर्थिक विकास का टर्निंग पॉइंट: एक्सपर्ट्स!

नोएडा/ग्रेटर नोएडा: सालों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) की शुरुआत होने जा रही है। 28 मार्च को सुबह 11:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भव्य प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे। एयरपोर्ट के उद्घाटन की खबर ने पहले ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट मार्केट को जोरदार झटका दे दिया है और प्रॉपर्टी की मांग आसमान छू रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि उद्घाटन के बाद इस क्षेत्र में निवेश और रेजिडेंशियल-कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग में और तेजी आएगी।

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एयरपोर्ट ने पहले ही बढ़ा दी प्रॉपर्टी की कीमतें

प्रॉपटेक प्लेटफॉर्म स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच सालों में जेवर क्षेत्र में अपार्टमेंट की कीमतों में लगभग तीन गुना की बढ़ोतरी हो चुकी है। प्लॉट की वैल्यू औसतन 1.5 गुना बढ़ी है, जबकि कुछ चुनिंदा माइक्रो-मार्केट्स में तो कीमतें 5 गुना तक उछल गई हैं। एयरपोर्ट के ऐलान के बाद से ही निवेशकों का रुझान इस क्षेत्र की ओर तेजी से बढ़ा है।

लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग का नया हब बनेगा जेवर

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के साथ ही पूरे क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर तस्वीर बदलने वाली है। बेहतर कनेक्टिविटी, सड़कें, मेट्रो और एक्सप्रेसवे के नेटवर्क के कारण अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और बड़े उद्योग इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इससे न सिर्फ लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर को बल मिलेगा, बल्कि लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, भूटानी इंफ्रा के सीईओ आशीष भूटानी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित होगा। यह प्रोजेक्ट नोएडा और ग्रेटर नोएडा को भारत के अगले बड़े कमर्शियल और इन्वेस्टमेंट हब के रूप में नई पहचान दिलाएगा। खासकर एयरपोर्ट से सटे हाई-ग्रोथ कॉरिडोर्स में कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग में भारी उछाल आने वाला है। निवेशकों का रुझान मिक्स्ड-यूज और रिटेल प्रोजेक्ट्स की तरफ बढ़ रहा है।

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रिट्ज़ मीडिया वर्ल्ड के फाउंडर रिट्ज़ मलिक का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर की ब्रांडिंग को वैश्विक स्तर पर बदलने वाला ‘पावर प्रोजेक्ट’ है। जो ब्रांड्स और बिजनेस आज इस क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं, भविष्य में बाजार पर उन्हीं का दबदबा होगा। यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहा समृद्ध उपभोक्ता वर्ग मीडिया और मार्केटिंग सेक्टर के लिए सुनहरा अवसर है।

बीपीटीपी के सीईओ और प्रेसिडेंट मानिक मलिक ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट पूरे एनसीआर के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्रांतिकारी कदम है। फरीदाबाद को इस एयरपोर्ट से सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है क्योंकि FNG एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर फरीदाबाद और एयरपोर्ट के बीच की दूरी को बेहद कम कर देंगे।

जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी ताकत – कनेक्टिविटी

जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतरीन कनेक्टिविटी है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ाव, प्रस्तावित पॉड टैक्सियों का जाल और जेवर-नई दिल्ली मेट्रो लिंक इस क्षेत्र को दुनिया के सबसे सुलभ बिजनेस केंद्रों में शामिल कर देगा। जैसे-जैसे वैश्विक कंपनियां यहां अपने ऑफिस और डेटा सेंटर स्थापित करेंगी, नोएडा-ग्रेटर नोएडा की गिनती दुनिया के सबसे आधुनिक और निवेश-अनुकूल शहरों में होने लगेगी।

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28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले उद्घाटन के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा का रियल एस्टेट मार्केट नई ऊंचाइयों को छूने वाला है। एयरपोर्ट न सिर्फ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर की प्रॉपर्टी डायनामिक्स को बदल देगा।

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