बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने पीलीभीत बाइपास के किनारे प्रस्तावित नई टाउनशिप को हकीकत में बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को पहले दिन ही दो किसानों की जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और सर्किल रेट के चार गुना की दर से कुल 2.31 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने बताया कि यह प्रोजेक्ट रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली के बाद प्राधिकरण की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक होगा।
पहले दिन दो किसानों की जमीन खरीदी
- नवदिया कुर्मियान की सुधा रानी शर्मा की 0.2040 हेक्टेयर जमीन के बदले 1 करोड़ 9 लाख 20 हजार 350 रुपये
- कुम्हरा गाटा के सूरजपाल की 0.2680 हेक्टेयर जमीन के बदले 1 करोड़ 22 लाख 4 हजार 720 रुपये
किसानों की सहमति से यह अधिग्रहण किया गया है। उपाध्यक्ष ने अमर उजाला के रिपोर्टर को बताया, “हम किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दे रहे हैं। इससे किसानों को फायदा हो रहा है और योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है।”
267 हेक्टेयर जमीन पर बनेगी मॉडर्न टाउनशिप
नई टाउनशिप नौ गांवों – अडूपुरा जागीर, आसपुर खूबचंद, अहिलादपुर, कुम्हरा, कलापुर, बरकापुर, मोहरनिया, हरहरपुर और नवदिया कुर्मियान – की कुल 267.1925 हेक्टेयर जमीन पर विकसित होगी। यह योजना बड़ा बाइपास और बरेली-पीलीभीत राजमार्ग से सटी हुई है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतरीन होगी।
टाउनशिप में क्या-क्या होगा खास?
- 45 मीटर और 30 मीटर चौड़ी जोनल रोड
- 18 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कें
- भूमिगत बिजली लाइनें
- 132 केवीए का अपना विद्युत उपकेंद्र
- आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट
- होटल, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, साइबर सिटी, मल्टीप्लेक्स
- सेंट्रल पार्क, नेबरहुड पार्क, कम्युनिटी सेंटर
उपाध्यक्ष ने कहा, “यह टाउनशिप बरेली को नया कमर्शियल और रिहायशी हब बनाएगी। निकटवर्ती गांवों में भी सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।”
किसानों की सहमति से तेजी से आगे बढ़ रही योजना
बीडीए का दावा है कि रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली की सफलता के बाद यह तीसरी बड़ी योजना है। किसानों की सहमति से अधिग्रहण हो रहा है, इसलिए कोई विवाद नहीं है। आने वाले दिनों में और रजिस्ट्रियां होंगी।
बरेली में नई टाउनशिप का सपना अब धरातल पर उतरने लगा है। पीलीभीत बाइपास के किनारे यह प्रोजेक्ट शहर की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा।

