लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार युवाओं को कुशल, आत्मनिर्भर और सफल उद्यमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों में कौशल विकास प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को “मुख्यमंत्री युवा फ्लैगशिप स्कीम” से जोड़ा जाएगा। इस सहयोग से युवाओं को न केवल बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता का अनोखा संगम
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने सोमवार को आयोजित एक कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में चल रहे कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के युवाओं को इस फ्लैगशिप स्कीम से लिंक किया जाएगा। इस “कोलैबोरेशन मॉडल” का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्किल्ड वर्कफोर्स बनाना है, ताकि वे नौकरी पाने के साथ-साथ खुद का उद्यम भी शुरू कर सकें।
कार्यशाला में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। सरकार का मानना है कि यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगी। युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों या देशों पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही अवसर पैदा करेंगे।
कंप्यूटर प्रशिक्षण में 22 हजार से ज्यादा युवा शामिल
सरकार की कौशल विकास योजनाओं का असर दिख रहा है। हाल ही में 22,392 युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें 18,159 लड़के और 4,233 लड़कियां शामिल हैं। इस प्रशिक्षण पर 19.18 करोड़ रुपये खर्च हुए। यह डिजिटल स्किल्स युवाओं को आधुनिक नौकरियों और उद्यमिता के लिए तैयार कर रही हैं।
पिछड़े वर्ग के छात्रों को बड़ी आर्थिक मदद
योगी सरकार ने शिक्षा और कौशल को बढ़ावा देने के लिए पिछड़े वर्ग के छात्रों पर विशेष फोकस किया है। वर्ष 2025-26 में:
- पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत 6 लाख 90 हजार 349 छात्रों को 147.75 करोड़ रुपये
- दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत 5 लाख 85 हजार 954 छात्रों को 175.54 करोड़ रुपये
यह सहायता छात्रों को पढ़ाई जारी रखने और कौशल प्रशिक्षण लेने में मदद कर रही है।
आत्मनिर्भर यूपी का सपना साकार
योगी सरकार का यह कदम “आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के विजन को मजबूत कर रहा है। कौशल प्रशिक्षण और मुख्यमंत्री युवा फ्लैगशिप स्कीम का जुड़ाव युवाओं को रोजगार और उद्यमिता दोनों के लिए तैयार करेगा। प्रदेश के हर जिले में यह योजना लागू होने से ग्रामीण और शहरी युवाओं दोनों को फायदा होगा।
सरकार का दावा है कि इससे न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि युवा उद्यमी बनकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देंगे। आने वाले दिनों में इस योजना के विस्तार और लाभार्थियों की संख्या पर सबकी नजरें टिकी हैं। यह पहल उत्तर प्रदेश को युवा शक्ति का हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।

