गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल के गोरखपुर में लंबे समय से पिछड़े दक्षिणांचल क्षेत्र में अब औद्योगिक क्रांति की नई सुबह शुरू हो रही है। योगी सरकार की मेगा योजना के तहत धुरियापार में 6876 एकड़ में फैली भव्य इंडस्ट्रियल टाउनशिप तेजी से आकार ले रही है। अदाणी, रिलायंस और श्रेयश जैसे दिग्गज निवेशकों की एंट्री हो चुकी है। आने वाले दिनों में यह क्षेत्र पूर्वांचल का सबसे बड़ा औद्योगिक गेटवे बनेगा और हजारों लोगों के लिए रोजगार के दरवाजे खोलेगा।
6876 एकड़ में फैली होगी नई औद्योगिक नगरी
गोरखपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (गीडा) धुरियापार में 6876 एकड़ जमीन पर विश्वस्तरीय इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित कर रही है। गीडा की सीईओ अनुज मलिक ने बताया कि अभी तक दो बड़े निवेशकों को जमीन आवंटित की जा चुकी है और एक अन्य दिग्गज निवेशक ने अपनी पसंद की जमीन चिन्हित कर ली है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्शन होने से यहां माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स में भारी सुविधा होगी।
अदाणी-रिलायंस ने ठोंकी ताल
- अंबुजा सीमेंट (अदाणी ग्रुप) को 46.63 एकड़ जमीन आवंटित
- श्रेयश डिस्टिलरी-एनर्जी लिमिटेड को 60.48 एकड़ जमीन
- रिलायंस ने कैम्पा कोला की यूनिट के लिए करीब 50 एकड़ जमीन पसंद की
इन तीनों प्रोजेक्ट्स से कुल 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आएगा और 6500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। सीईओ अनुज मलिक ने कहा, “यह सिर्फ शुरुआत है, जल्द ही और बड़े नाम यहां आएंगे।”
ओडीओपी को मिलेगा वैश्विक पैकेजिंग सेंटर
औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाने की तैयारी भी पूरी हो गई है। गोरखपुर के जैनपुर में उत्तर प्रदेश का पहला कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) बन रहा है, जिसकी लागत 3.91 करोड़ रुपये है। आज 29 नवंबर 2025 को गीडा दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इसका शिलान्यास करेंगे। मार्च 2026 तक सेंटर शुरू हो जाएगा।
टेराकोटा से केले का रेशा तक पहुंचेगा विदेश
सेंटर में शुरुआत गोरखपुर के मशहूर टेराकोटा उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग से होगी। इसके बाद काला नमक चावल, कुशीनगर के केले के रेशे से बने उत्पाद समेत पूरे प्रदेश के ओडीओपी आइटम्स को बेहतर पैकेजिंग, क्वालिटी टेस्टिंग और ब्रांडिंग की सुविधा मिलेगी। सेंटर से जुड़ीं संगीता पांडेय ने बताया कि जल्द ही ये उत्पाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए विदेशी बाजारों में बिकेंगे।
अधिकारी बोले – पूर्वांचल की तस्वीर बदलेगी
सहायक आयुक्त उद्योग रोशन अंबेडकर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “सीएफसी सेंटर से ओडीओपी उत्पादों की ब्रांडिंग में क्रांति आएगी। मुख्यमंत्री जी का सपना है कि पूर्वांचल का हर उत्पाद दुनिया में अपनी पहचान बनाए।” गोरखपुर अब सिर्फ बाबा गोरखनाथ की नगरी नहीं, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक हब के रूप में भी देश के नक्शे पर चमकेगा।
रोजगार और समृद्धि की नई कहानी शुरू
धुरियापार टाउनशिप और ओडीओपी सीएफसी सेंटर के शुरू होने से गोरखपुर और आसपास के जिलों में हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। स्थानीय कारीगरों को बेहतर बाजार और कीमत मिलेगी। पूर्वांचल के लोग इसे “रोजगार की फसल” कह रहे हैं जो अब लहलहाने को तैयार है।

