यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय, 30 मार्च से शुरू होगी खरीद

Uttar-Pradesh News: योगी कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया, जो पिछले साल से 160 रुपये अधिक है। खरीद 30 मार्च से 15 जून तक 6500 केंद्रों पर चलेगी। एफसीआई, यूपी मंडी परिषद और अन्य एजेंसियां शामिल होंगी। बोरे महंगे होने पर भी अतिरिक्त धनराशि देने का फैसला लिया गया। कैबिनेट में कुल 21 प्रस्ताव पास हुए, जिनमें निजी बिजनेस पार्क, शोधित जल नीति और अन्य शामिल हैं।

Samvadika Desk
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कैबिनेट मीटिंग, उत्तर प्रदेश (इमेज - हिन्दुस्तान)
Highlights
  • गेहूं का MSP अब 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय!
  • 30 मार्च से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद!
  • कैबिनेट में कुल 21 प्रस्तावों को लगी मुहर!

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों के हित में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया गया है। पिछले साल की तुलना में यह 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी है।

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गेहूं खरीद कब और कैसे होगी?

  • गेहूं की खरीद 30 मार्च से शुरू होगी और 15 जून तक चलेगी।
  • प्रदेश के 75 जिलों में कुल 6500 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
  • खरीद मुख्य रूप से एफसीआई और यूपी मंडी परिषद के माध्यम से होगी।
  • इसके अलावा पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ जैसी आठ क्रय एजेंसियां भी खरीद में शामिल होंगी।

सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसानों से सीधे गेहूं खरीदकर उन्हें उचित मूल्य मिले। वैश्विक परिस्थितियों के कारण बोरे महंगे होने पर सरकार ने अतिरिक्त धनराशि देने का भी फैसला लिया है ताकि किसानों को बोरे उपलब्ध कराने में कोई दिक्कत न हो।

कैबिनेट में और क्या-क्या फैसले हुए?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार की बैठक में कुल 21 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें विकास, सुशासन और किसान कल्याण से जुड़े कई अहम फैसले शामिल हैं:

  • निजी बिजनेस पार्क विकास योजना: प्लग एंड प्ले मॉडल पर निजी विकासकर्ताओं को शेड वाले बिजनेस पार्क विकसित करने की अनुमति। सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी और विकासकर्ता शेड, बुनियादी सुविधाएं बनाकर निवेशकों को किराए पर देंगे।
  • उत्तर प्रदेश सरकारी चीनी मिल्स संघ को गन्ना मूल्य भुगतान के लिए ऋण पर गारंटी: पेराई सत्र 2025-26 के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से मिलने वाले ऋण पर गारंटी।
  • नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की शोधित जल नीति: शोधित जल का गैर-पेय कार्यों में उपयोग बढ़ाने की नीति को मंजूरी।
  • बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीआईडीए) के कर्मचारियों पर नियम लागू: यूपी औद्योगिक विकास प्राधिकरण केंद्रीकृत सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2026 को स्वीकृति।
  • माध्यमिक शिक्षा विभाग में एनसीसी निदेशालय के लिपिकीय संवर्ग का पुनर्गठन

ये सभी फैसले प्रदेश के विकास, किसान कल्याण, जल संरक्षण, औद्योगिक विकास और शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में उठाए गए हैं।

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किसानों के लिए राहत भरा फैसला

गेहूं का MSP बढ़ाने का यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। सरकार का उद्देश्य है कि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाएं और खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु रूप से चले। खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाकर और क्रय एजेंसियों को शामिल करके यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी किसान अपनी फसल से वंचित न रहे।

यह कैबिनेट बैठक योगी सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों और विकास योजनाओं को एक बार फिर मजबूत करने वाली साबित हुई है। अब किसान 30 मार्च से अपनी फसल बेचने के लिए तैयार हो सकते हैं।

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