रुड़की: केदारनाथ दर्शन से लौट रही नवविवाहिता प्रज्ञा सिंह ट्रेन से अचानक गायब, पति ने जगाया हंगामा, पुलिस अभी तक अंधेरे में

Pragya Singh Missing Case : रुड़की में केदारनाथ दर्शन से लौट रही 29 वर्षीय नवविवाहिता प्रज्ञा सिंह ट्रेन से रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। पति मनीष के अनुसार हरिद्वार के बाद नींद खुली तो वह सीट पर नहीं थी। एक यात्री ने रुड़की स्टेशन के बाद उसे ट्रेन से उतरते देखा था। 6 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका। सीसीटीवी कैमरे खराब होने से जांच मुश्किल हो गई है। परिवार और पुलिस दोनों चिंतित हैं।

Samvadika Desk
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प्रज्ञा सिंह और मनीष
Highlights
  • केदारनाथ से लौट रही नवविवाहिता ट्रेन से गायब!
  • 6 दिन बीत गए, प्रज्ञा का अब तक कोई सुराग नहीं!
  • नवविवाहिता की गुमशुदगी बनी पुलिस के लिए बड़ी पहेली!

रुड़की/गाजियाबाद: केदारनाथ धाम के दर्शन करके पति के साथ वापस लौट रही 29 वर्षीय नवविवाहिता प्रज्ञा सिंह ट्रेन से रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। देहरादून से गाजियाबाद जा रही ट्रेन में सफर के दौरान अचानक गायब हुई प्रज्ञा की अब तक कोई तलाश नहीं हो सकी है। छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन परिवार और पुलिस दोनों इस बात को समझ नहीं पा रहे कि आखिर वह ट्रेन से कहाँ गायब हुई। यह घटना पूरे इलाके में सनसनी फैला रही है और परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है।

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पति मनीष की परेशानी

प्रज्ञा के पति मनीष ने बताया कि दोनों कानपुर के रहने वाले हैं और काफी समय से एक-दूसरे को जानते थे। प्रेम संबंध के बाद परिवार की सहमति से फरवरी में उनकी शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों ग्रेटर नोएडा की ग्रीन वैली विला सोसायटी में रह रहे थे। मनीष नोएडा की एक कॉर्पोरेट कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि शादी के बाद दोनों पहली बार बाबा केदारनाथ के दर्शन करने गए थे।

5 मई को हुई घटना

मनीष के अनुसार, 2 मई को दोनों केदारनाथ यात्रा पर निकले थे। दर्शन के बाद 5 मई को देहरादून स्टेशन से गाजियाबाद आने वाली ट्रेन में सवार हुए। हरिद्वार तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत चलती रही। हरिद्वार पार होने के बाद रात में उन्हें नींद आ गई। जब ट्रेन मुजफ्फरनगर स्टेशन के पास पहुँचने वाली थी, तभी मनीष की आँख खुली। उस समय प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थी।

एक यात्री ने देखा बाहर निकलते हुए

मनीष ने तुरंत कोच के दोनों वॉशरूम चेक किए। आसपास के डिब्बों में जाकर यात्रियों से पूछताछ की। तब एक यात्री ने बताया कि उसने प्रज्ञा को रुड़की स्टेशन के बाद कोच से बाहर निकलते देखा था। मनीष ने प्रज्ञा को कई बार फोन लगाया, लेकिन मोबाइल बंद आ रहा था। ट्रेन रुकने पर स्टेशन पर भी खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने तुरंत रेलवे अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी।

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खराब सीसीटीवी ने बढ़ाई मुश्किल

मनीष के मुताबिक, मामले को और जटिल बनाने वाली बात यह है कि पुलिस को रुड़की और मुजफ्फरनगर स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों से कोई फुटेज नहीं मिल सका। दोनों स्टेशनों के कैमरे खराब पाए गए, जिस वजह से यह तक पता नहीं चल पा रहा कि प्रज्ञा ट्रेन से उतरी थी या नहीं। पुलिस ने किसी हादसे की आशंका को देखते हुए रेलवे ट्रैक के आसपास कई किलोमीटर तक सर्च अभियान चलाया। ट्रैक, पुलों और आसपास के इलाकों को खंगाला गया, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला।

परिवार की बढ़ती बेचैनी

6 दिन से मनीष और प्रज्ञा के परिवार वाले रुड़की में ही डेरा डाले हुए हैं। परिवार का कहना है कि हर गुजरते दिन के साथ उम्मीद कम होती जा रही है। मनीष और प्रज्ञा के परिजनों ने उत्तराखंड और यूपी के मुख्यमंत्रियों से अपील की है कि वे प्रज्ञा को ढूंढने के लिए हर संभव मदद करें।

पुलिस के लिए चुनौती भरा मामला

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह उनके लिए भी कठिन केस बन गया है। बिना सीसीटीवी फुटेज, बिना किसी गवाह और बिना किसी ठोस सुराग के आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि प्रज्ञा की गुमशुदगी पुलिस के लिए एक बड़ी पहेली बनी हुई है। पुलिस अब प्रज्ञा के मोबाइल की कॉल डिटेल, मैसेज और वॉट्सऐप चैट की जाँच कर रही है।

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