बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली छावनी परिषद ने शहर के कैंट क्षेत्र को हरा-भरा, आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को नेहरू सभागार में हुई सामान्य बोर्ड की बैठक में मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इनमें कचरे से सोना बनाने वाला ‘गार्बेज टू गोल्ड’ सेंटर, ओपन जिम, कचरा बैंक, स्मार्ट LED स्ट्रीट लाइटिंग, पार्कों का सौंदर्यीकरण, आधुनिक ऑडिटोरियम और कई अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।
बैठक की अध्यक्षता ब्रिगेडियर गगनदीप सिंह, वाईएसएम ने की। मुख्य लक्ष्य बरेली छावनी को प्रदेश और देश का मॉडल कैंटोनमेंट बनाने का है, जिसमें सस्टेनेबिलिटी, सुशासन, डिजिटलाइजेशन और जनकल्याण प्रमुख होंगे।
प्रमुख प्रस्ताव और परियोजनाएं
- गार्बेज टू गोल्ड सेंटर और कचरा बैंक: कचरे को संसाधन में बदलने के लिए गार्बेज टू गोल्ड सेंटर और कचरा संपीड़न अधोसंरचना की स्थापना। शून्य अपशिष्ट प्रबंधन पर फोकस।
- स्मार्ट LED स्ट्रीट लाइटिंग और फसाड लाइटिंग: सड़कों और इमारतों पर स्मार्ट LED लाइट्स लगाई जाएंगी। ऊर्जा बचत और सुरक्षा दोनों का ध्यान।
- ओपन जिम और पार्कों का सौंदर्यीकरण: नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए ओपन जिम और पार्कों का सुंदर विकास।
- आधुनिक ऑडिटोरियम: छावनी में एक बड़ा और आधुनिक ऑडिटोरियम बनेगा।
- अग्नि सुरक्षा, सीसीटीवी और आईटी सुधार: आरएन टैगोर इंटर कॉलेज समेत अन्य भवनों में अग्नि सुरक्षा उपकरण, सीसीटीवी और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाएगा।
- मेडिकल और स्वास्थ्य सुविधाएं: कैंट जनरल हॉस्पिटल में मेडिकल उपकरण, मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और दवाइयों की व्यवस्था होगी। चार खाली कमरों में आयुर्वेदिक सेंटर खोला जाएगा।
- कर्मचारी कल्याण: कर्मचारियों को एसीपी लाभ, ग्रेच्युटी सीमा वृद्धि और नोटेशनल इंक्रीमेंट मिलेगा। वाहन स्क्रैपिंग की व्यवस्था भी होगी।
- शिक्षा और खेल: सभी कैंट बोर्ड स्कूलों में ‘शिखर बरेली 2026’ स्पोर्ट्स मीट आयोजित होगा। युगवीणा हाल को नारी वस्त्रशाला में बदलकर महिलाओं को सिलाई और कपड़े से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी।
- सांस्कृतिक और पर्यटन: ‘सुरमई संध्या’ जैसे सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा। गोल बाजार चौक का नाम बदलकर ‘धोपेश्वर नाथ चौक’ किया जाएगा।
सीईओ डॉ. तनु जैन का विजन
सीईओ डॉ. तनु जैन ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य एक विकसित, पर्यावरण-समर्थ, नागरिक-केंद्रित और आधुनिक छावनी बनाना है। ग्रीन एंड क्लीन कैंटोनमेंट, स्मार्ट एजुकेशन, कार्बन न्यूट्रल संकल्पना, विकसित स्वास्थ्य सेवाएं, शून्य अपशिष्ट प्रबंधन, स्मार्ट निगरानी प्रणाली, शहरी सुंदरीकरण, पर्यटन प्रोत्साहन और महिला-नागरिक कल्याण प्रमुख स्तंभ होंगे।
बैठक में मौजूद प्रमुख लोग
बैठक में नामित सभासद डॉ. वैभव जायसवाल समेत अन्य अधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली।
यह फैसला बरेली छावनी को पर्यावरण, सुशासन और नागरिक सुविधाओं के मामले में मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कचरे से सोना बनाने और स्मार्ट लाइटिंग जैसी परियोजनाएं न केवल शहर को आधुनिक बनाएंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कल्याण को भी बढ़ावा देंगी। आने वाले समय में बरेली कैंट क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।

