वाराणसी, उत्तर प्रदेश: वाराणसी के छितौनी गाँव में शादी का माहौल था, लेकिन वरमाला की रस्म के दौरान ऐसा नाटकीय मोड़ आया कि पूरा पंडाल सन्न रह गया। दुल्हन किरण राजभर ने दूल्हे को वरमाला पहनाने से इनकार कर दिया और स्टेज से उतरकर भीड़ में खड़े अपने प्रेमी पवन की तरफ दौड़ पड़ी। उसने सबके सामने कहा, “मैं शादी करूंगी तो सिर्फ इसी से।” यह देखकर दूल्हा पक्ष स्तब्ध रह गया। कुछ ही देर में हंगामा मच गया, पवन की पिटाई शुरू हो गई, लेकिन दुल्हन ने ढाल बनकर उसके सामने खड़े होकर सबको रोक दिया।
शादी की तैयारियाँ धूमधाम से
मीडिया जानकारी के अनुसार, किरण राजभर की शादी बड़े धूमधाम से तय हुई थी। दूल्हा बारात लेकर पहुँचा था। द्वार पूजा, स्वागत-सत्कार, नाच-गाना सब कुछ पारंपरिक तरीके से हो रहा था। कैमरे चमक रहे थे और मेहमान खुशियाँ मना रहे थे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि दुल्हन के दिल में कोई और बसा है। किरण का प्रेम संबंध चोलापुर क्षेत्र के भरथौली गाँव के रहने वाले पवन से था। दोनों एक-दूसरे से गहरे प्यार करते थे, लेकिन परिवार ने किरण की शादी कहीं और तय कर दी थी।
वरमाला के पल में अचानक हुआ ट्विस्ट
स्टेज पर दूल्हा और दुल्हन आमने-सामने खड़े थे। दोनों के हाथों में वरमाला थी। तभी किरण की नजर भीड़ में खड़े पवन पर पड़ी। वह खुद को रोक नहीं सकी। उसने वरमाला वहीं छोड़ दी और स्टेज से उतरकर पवन की तरफ दौड़ पड़ी। “मैं शादी करूंगी तो सिर्फ इसी से…” दुल्हन की यह बात सुनते ही शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। रिश्तेदार एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। दूल्हे के परिवार वाले भड़क गए।
पवन की पिटाई, दुल्हन बनी ढाल
कुछ लोगों ने पवन को पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। माहौल गर्म हो गया। तभी दुल्हन स्टेज से नीचे उतरी और पवन के सामने ढाल बनकर खड़ी हो गई। उसने रोते हुए कहा कि इसे मत मारो… मैं इससे प्यार करती हूँ। यह सुनते ही पूरे समारोह में सन्नाटा छा गया। दूल्हा भी सब समझ चुका था। उसने शांत तरीके से शादी से इनकार कर दिया और अपने परिवार के साथ बारात वापस ले गया।
परिवार की मिन्नतें नाकाम
दुल्हन के पिता और अन्य रिश्तेदारों ने उसे घंटों समझाने की कोशिश की। दूल्हा पक्ष भी हैरान था कि अचानक ऐसा क्या हुआ। लेकिन किरण किसी की नहीं सुन रही थी। उसकी जिद के आगे परिवार को झुकना पड़ा। हंगामा बढ़ता देख मामला लोहता थाने तक पहुँच गया। थाने में घंटों पंचायत चली। दोनों परिवार आमने-सामने बैठे। पुलिस और गाँव के लोग समझाने में जुटे रहे।
आखिरकार हुई प्रेमी से शादी
काफी देर तक चली बातचीत के बाद दोनों परिवारों ने हार मान ली। माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ। फिर फैसला हुआ कि जब दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं और साथ रहना चाहते हैं, तो उनकी शादी करा दी जाए। इसके बाद वही परिवार, जो कुछ घंटे पहले एक-दूसरे के खिलाफ खड़े थे, मंदिर पहुँचे। वहाँ किरण और पवन ने शादी कर ली। परिजनों ने दोनों को आशीर्वाद भी दिया।
इलाके में चर्चा का बाजार
पूरे गाँव और आसपास इस कहानी की चर्चा हो रही है। एक तरफ बारात बिना दुल्हन के लौट गई, दूसरी तरफ उसी मंडप से एक प्रेम कहानी अपनी मंजिल तक पहुँच गई। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की राय दे रहे हैं। कुछ इसे सच्चे प्यार की जीत बता रहे हैं, तो कुछ परिवार की परंपराओं और सामाजिक मर्यादा पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी ली है, लेकिन दोनों परिवारों की सहमति से शादी हो जाने के कारण फिलहाल कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई है।

