बरेली/जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली एक युवती ने अपने प्रेम संबंध को विवाह तक पहुंचाने के लिए धर्म परिवर्तन कर सनातन धर्म अपनाने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने अपना नया नाम प्रतीक्षा यादव रखा और बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक रीति-रिवाज से प्रतापगढ़ निवासी पवन यादव के साथ विवाह कर लिया। दोनों का कहना है कि वे लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और अब अपनी इच्छा से वैवाहिक जीवन की शुरुआत कर रहे हैं।
प्यार के रिश्ते को शादी तक पहुंचाया
जानकारी के अनुसार, जौनपुर जिले के नाहरमऊ गांव निवासी समीउल्ला की बेटी शाहजहां बानो शनिवार को प्रतापगढ़ जिले के भोजेपुर गांव निवासी पवन यादव के साथ बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचीं। दोनों ने आश्रम के आचार्य केके शंखधार से वैदिक रीति से विवाह संपन्न कराने का अनुरोध किया।
विवाह से पहले आश्रम की ओर से दोनों के जन्म प्रमाणपत्र और शैक्षिक दस्तावेजों की जांच की गई। दोनों के बालिग होने की पुष्टि के बाद आवश्यक धार्मिक प्रक्रिया पूरी कराई गई। इसके बाद शाहजहां बानो ने सनातन धर्म अपनाया और उनका नया नाम प्रतीक्षा यादव रखा गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लेकर विवाह कर लिया।
सनातन धर्म अपनाने को बताया गौरव का क्षण
विवाह के बाद प्रतीक्षा यादव ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाया है और इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय बताया। उनका कहना था कि अब वह अपने पति के साथ नई जिंदगी की शुरुआत करेंगी।
अलग जिले, लेकिन गांवों के बीच कम दूरी
नवविवाहित जोड़े ने बताया कि भले ही वे अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं, लेकिन दोनों गांवों के बीच करीब 12 किलोमीटर की दूरी है। इसी दौरान दोनों की पहचान हुई, जो समय के साथ प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों काफी समय से शादी करना चाहते थे।
प्रतीक्षा ने बताया कि उन्होंने बीए तक पढ़ाई की है, जबकि पवन यादव लखनऊ में टूर एंड ट्रैवल्स का व्यवसाय करते हैं। विवाह के बाद दोनों साथ रहेंगे।
दो साल पहले भी की थी शादी की कोशिश
आचार्य केके शंखधार के अनुसार, यह पहला मौका नहीं है जब दोनों आश्रम पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में भी शाहजहां बानो और पवन विवाह कराने के उद्देश्य से आश्रम आए थे। उस समय युवती ने कहा था कि वह परिवार की जानकारी के बिना विवाह नहीं करना चाहती और अपने भाई को बुलाना चाहती है।
आचार्य के मुताबिक, भाई के आने के बाद उसने युवती से कहा था कि यदि वह दूसरे धर्म में विवाह करती है तो छोटी बहन की शादी प्रभावित हो सकती है। इसके बाद दोनों बिना विवाह किए लौट गए थे।
छोटी बहन के निकाह के बाद लिया फैसला
आचार्य ने मीडिया को बताया कि बाद में जब युवती की छोटी बहन का निकाह हो गया, तब शाहजहां बानो अपने पहले किए गए वादे के अनुसार परिवार को जानकारी देकर दोबारा आश्रम पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाया और पवन यादव के साथ वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कर लिया।
फिलहाल इस विवाह की स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है। दोनों बालिग हैं और उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने अपनी सहमति से विवाह किया है।

