देहरादून: आगामी महाकुंभ-2027 और उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे पर्यटन को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे ने देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने का व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है। अब जल्द ही देहरादून से 24 कोचों वाली लंबी एलएचबी ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों की सुविधा में बड़ा इजाफा होगा।
24 कोचों वाली ट्रेनें चलाने की तैयारी
मीडिया जानकारी के अनुसार, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडेय ने मंगलवार को देहरादून स्टेशन का निरीक्षण किया और मुरादाबाद रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की।
वर्तमान में देहरादून स्टेशन की भौगोलिक स्थिति और तकनीकी सीमाओं के कारण अधिकांश ट्रेनें सिर्फ 14 से 18 कोचों (औसतन 16 कोच) की ही चलाई जा रही हैं। चारधाम यात्रा, त्योहारों और पीक सीजन में यह क्षमता काफी अपर्याप्त साबित होती है।
मुरादाबाद रेल मंडल अब देहरादून स्टेशन के प्लेटफॉर्म और लूप लाइनों को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। 24 कोचों वाली फुल-लंबाई वाली ट्रेनें चलने से प्रति ट्रेन में यात्रियों की क्षमता में 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इससे वेटिंग लिस्ट की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
हर्रावाला बनेगा सैटेलाइट स्टेशन
देहरादून मुख्य स्टेशन पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए हर्रावाला स्टेशन को आधुनिक सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यार्ड रीमॉडलिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिससे यह स्टेशन भी 24 कोच वाली ट्रेनों को आसानी से संभाल सकेगा।
भविष्य में कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन और टर्मिनेशन हर्रावाला स्टेशन से किया जाएगा। इस स्टेशन को पूरी तरह दिव्यांगजन फ्रेंडली बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।
महाकुंभ को लेकर व्यापक अपग्रेडेशन
महाकुंभ-2027 को देखते हुए हरिद्वार और देहरादून दोनों स्टेशनों पर यात्री प्रतीक्षालय, सर्कुलेटिंग एरिया, फुट ओवर ब्रिज और स्वच्छता व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने का काम चल रहा है। इसका मकसद देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि 24 कोचों वाली ट्रेन चलाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। मुरादाबाद से लेकर हरिद्वार और देहरादून तक सभी प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म को मोडिफाई करने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
वर्तमान में देहरादून से दो दर्जन से अधिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और अतिरिक्त कोच लगाने की दिक्कत भी कम होगी।
यह तैयारी महाकुंभ के दौरान आने वाले विशाल श्रद्धालु समुदाय और साल भर आने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। रेलवे का लक्ष्य है कि कुंभ के समय कोई भी यात्री सुविधाओं की कमी महसूस न करे।

