बरेली: रेलवे ने बरेली के इज्जतनगर मंडल में बड़े पैमाने पर विकास की तैयारी कर ली है। मंडल के सात प्रमुख रेलखंडों (कुल 363 किमी) के दोहरीकरण के फाइनल लोकेशन सर्वे को रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। सर्वे के लिए 34.22 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है। सर्वे पूरा होने के बाद इन रूटों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
कौन-कौन से रेलखंडों का होगा दोहरीकरण?
रेलवे बोर्ड ने निम्नलिखित रेलखंडों के दोहरीकरण के फाइनल लोकेशन सर्वे को हरी झंडी दी है:
- भोजीपुरा-लालकुआं — 65 किमी
- काठगोदाम-लालकुआं — 22 किमी
- रामपुर-लालकुआं — 66 किमी
- भोजीपुरा बाईपास — 14 किमी
- भोजीपुरा-बरेली सिटी — 16 किमी
- कासगंज-मथुरा — 105 किमी
- पीलीभीत-मैलानी — 68 किमी
इन सभी रूटों पर दोहरीकरण होने से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, समयबद्धता सुधरेगी और यातायात का दबाव कम होगा।
इज्जतनगर मंडल अभी पूरी तरह सिंगल लाइन पर
वर्तमान में इज्जतनगर मंडल की कुल 1100 किमी रेल पटरियां सिंगल लाइन हैं। दोहरीकरण के बाद बरेली, पीलीभीत, बदायूं, लखीमपुर, कासगंज, मथुरा, काठगोदाम, लालकुआं, रामनगर आदि क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे लंबी दूरी की ट्रेनों (जैसे बंगलूरू, मुंबई सेंट्रल, कोलकाता, लखनऊ, गोरखपुर आदि) का संचालन और सुगम हो जाएगा।
डीआरएम वीणा सिन्हा का बयान
इज्जतनगर मंडल की डीआरएम वीणा सिन्हा ने अमर उजाला को बताया कि इस बार बजट में मंडल की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। कासगंज-अनवरगंज और बरेली-पीलीभीत-मैलानी-सीतापुर रेल लाइन का दोहरीकरण भी प्रस्तावित है। आने वाले समय में इज्जतनगर मंडल यात्री सुविधा, सुरक्षा और समयबद्धता में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
बरेली मंडल को क्या फायदा?
- ट्रेनों की संख्या बढ़ने से बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर के यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
- उत्तराखंड के काठगोदाम, लालकुआं, रामनगर आदि क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- लॉजिस्टिक्स, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
रेलवे के इस बड़े फैसले से बरेली मंडल और उत्तराखंड की रेल सुविधाएं नई ऊंचाई छूने वाली हैं। दोहरीकरण के बाद ट्रेनों की आवाजाही तेज और सुगम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

