जमुई, बिहार: बिहार के जमुई जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहाँ एक भाभी अपने ममेरे देवर के प्यार में इस कदर दीवानी हुई कि अपनी छोटी बच्ची को छोड़कर उसके साथ फरार हो गई। पति की शिकायत पर पुलिस ने दोनों को शेखपुरा से बरामद किया और थाने में सुलह कराकर पत्नी को पति के साथ भेज दिया। हालांकि, इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। पुलिस ने देवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रेम की शुरुआत
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र के धर्मपुर गाँव की नेहा कुमारी की शादी पवन से हुई थी। शादी के बाद उनकी एक बच्ची हुई। करीब दो साल बाद पवन नेहा और बच्ची को लेकर तमिलनाडु में मजदूरी करने चला गया। वहाँ नेहा की मुलाकात पवन के ममेरे भाई अंशु से हुई। दोनों के बीच नजदीकियाँ बढ़ीं और प्रेम संबंध शुरू हो गया। दोनों अक्सर मिलने-जुलने लगे। पवन को शक हुआ तो वह परिवार को लेकर बिहार लौट आया, लेकिन नेहा और अंशु की बातचीत मोबाइल पर जारी रही।
फरारी और पति की शिकायत
पवन ने कई बार नेहा को अंशु से बात करने से मना किया, लेकिन वह नहीं मानी। दोनों के बीच इस बात को लेकर झगड़ा भी हुआ। एक रात नेहा अचानक घर से अंशु के साथ फरार हो गई। पवन ने लछुआड़ थाने में अंशु के खिलाफ पत्नी के अपहरण की शिकायत दर्ज की। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर नेहा और अंशु को शेखपुरा से एक कमरे में बरामद किया। चर्चा थी कि दोनों ने शादी कर ली, लेकिन इसका कोई सबूत नहीं मिला।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने नेहा और अंशु को थाने लाया। पूछताछ में नेहा ने स्वीकार किया कि वह अपनी मर्जी से अंशु के साथ गई थी। पुलिस ने नेहा के बयान कोर्ट में दर्ज कराए और उसे समझा-बुझाकर पति पवन के साथ भेज दिया। पवन ने कहा कि अगर नेहा ठीक से रहेगी, तो वह उसे अपने साथ रखेगा। पुलिस ने अंशु को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। मामला थाने में सुलह के साथ सेट हो गया, लेकिन गाँव में चर्चा का बाजार गर्म है।
रिश्तों की टूटती मर्यादा
नेहा और अंशु का प्रेम प्रसंग रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाला है। एक छोटी बच्ची की माँ होते हुए नेहा का इस तरह फरार होना और पति का उसे स्वीकार करना सामाजिक मान्यताओं पर सवाल उठाता है। यह घटना प्रेम के नाम पर आवेग और परिवार की जिम्मेदारियों को अनदेखा करने की मानसिकता को दर्शाती है। गाँव वाले इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
सामाजिक और भावनात्मक पहलू
यह मामला प्रेम, विश्वासघात, और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच टकराव को उजागर करता है। नेहा का अपनी बच्ची को छोड़कर भागना और पवन का उसे वापस स्वीकार करना समाज में रिश्तों की जटिलता को दर्शाता है। यह घटना परिवारों से संवाद, विश्वास, और बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देने की माँग करती है। साथ ही, यह पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सामाजिक सुलह की भूमिका को भी रेखांकित करता है।
आगे की जाँच
पुलिस अंशु से पूछताछ कर रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आए। नेहा और पवन के बीच सुलह हो गई है, लेकिन अंशु के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। इस घटना ने लछुआड़ और आसपास के गाँवों में हलचल मचा दी है, और लोग इस मामले के नतीजे पर नजर रखे हुए हैं। यह प्रेम कहानी न केवल व्यक्तिगत, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी बहस का विषय बन गई है।

