तीन बच्चों की मां ने पति और परिवार छोड़कर फुफेरे भाई से रचाई कोर्ट मैरिज, पति खुद बने गवाह; प्रेमी बोला – “अब मुझे छोड़कर नहीं जाएगी”

Bihar News: वैशाली की 30 साल की पूनम ने तीन बच्चों और पति कुंदन को छोड़कर अपने फुफेरे भाई गोबिंद से कोर्ट मैरिज कर ली। कुंदन ने विरोध नहीं किया, खुद गवाह बने और रानी को विदा किया। गोबिंद बोला – “अब छोड़कर नहीं जाएगी”। तीन साल पुराना प्यार परिवार के विरोध के बावजूद जीत गया।

Samvadika Desk
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इमेज - स्क्रीनग्रैब/आजतक
Highlights
  • तीन बच्चों की मां ने पति छोड़कर फुफेरे भाई से रचाई शादी!
  • पति खुद बने गवाह, बोले – “खुश नहीं थी तो रोकूंगा नहीं”!
  • “अब मुझे छोड़कर नहीं जाएगी”: गोबिंद का भरोसा!

वैशाली, बिहार: बिहार के वैशाली जिले की जंदाहा से निकलकर यह प्रेम कहानी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है। 30 साल की रानी कुमारी ने तीन बच्चों और पति कुंदन कुमार को छोड़कर अपने फुफेरे भाई गोबिंद कुमार से कोर्ट मैरिज कर ली। सबसे हैरानी की बात यह कि रानी के पहले पति कुंदन ने विरोध करने की बजाय खुद शादी में गवाह बनकर रानी को विदा कर दिया। शादी के बाद गोबिंद ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है, अब वह मुझे छोड़कर नहीं जाएगी। हमने बहुत कुछ सहा है, अब साथ जीएंगे।”

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दोस्ती से प्यार, फिर घर छोड़ा

मीडिया जानकारी के अनुसार, रानी और गोबिंद की पहली मुलाकात साल 2011 में हुई, जब रानी की शादी कुंदन कुमार से कोर्ट मैरिज के जरिए हुई थी। कुंदन अहिरपुर के रहने वाले हैं और ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) चलाते हैं। शादी के बाद सब कुछ सामान्य था। रानी तीन बच्चों की मां बनी। लेकिन करीब पांच साल पहले रानी की बातचीत सोशल मीडिया (फेसबुक और इंस्टाग्राम) पर गोबिंद से शुरू हुई। पहले हालचाल, फिर लंबी चैटिंग और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया।

रानी ने पति कुंदन को कई बार बताया कि वह गोबिंद से प्यार करती है। लेकिन कुंदन ने विरोध किया। फिर भी रानी का मन नहीं माना। वह बार-बार घर छोड़कर चली जाती। कभी अचानक निकल जाना, कभी जम्मू पहुंच जाना। कुंदन हर बार समझा-बुझाकर, बच्चों का वास्ता देकर उसे वापस लाते।

डेढ़ महीने पहले भी वापस लाए, लेकिन इस बार मन बन गया

डेढ़ महीने पहले भी कुंदन ने जम्मू से रानी को वापस घर लाया। लेकिन इस बार रानी का मन साफ था। वह अब कुंदन के साथ नहीं रहना चाहती थी। आखिरकार वह दिन आया जब रानी ने पति और बच्चों से अलग होने का फैसला कर लिया।

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पति ने दिया साथ, खुद बने गवाह

यहां कहानी का सबसे चौंकाने वाला मोड़ आया। कुंदन ने विरोध करने की बजाय रानी के फैसले में साथ दिया। उन्होंने कहा, “अगर रानी मेरे साथ खुश नहीं है, तो मैं जबरदस्ती नहीं रोकेगा।” कुंदन ने रानी और गोबिंद की कोर्ट में शादी कराई, खुद गवाह बने और रानी को विदा कर दिया। कोर्ट परिसर में मौजूद लोग यह देखकर हैरान थे – एक पति अपनी पत्नी की दूसरी शादी में गवाह बन रहा था।

प्रेमी गोबिंद ने कहा, “अब छोड़कर नहीं जाएगी”

शादी के बाद गोबिंद कुमार ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि अब वह मुझे छोड़कर नहीं जाएगी। हमने बहुत कुछ सहा है, अब साथ रहेंगे।” गोबिंद ने बताया कि कुछ दिन पहले ही रानी से फोन पर संपर्क हुआ और दोनों ने जिंदगी साथ बिताने का फैसला लिया। यह रिश्ता सिर्फ सोशल मीडिया का नहीं, दिल से जुड़ा हुआ है।

रानी का कहना: “पहले पति के साथ खुश नहीं थी”

रानी ने साफ कहा कि वह कुंदन के साथ खुश नहीं थी। उसे गोबिंद से शादी करनी थी। रानी ने यह भी बताया कि तीनों बच्चे कुंदन के साथ ही रहेंगे। वह अपने बच्चों का भविष्य कुंदन पर छोड़कर आई है।

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परिवार और समाज में चर्चा

यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग रानी की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ परंपराओं पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन कुंदन का सहयोग और दोनों परिवारों का साथ इस कहानी को खास बनाता है।

यह प्रेम कहानी दिखाती है कि प्यार में लोग कभी-कभी अपनों को छोड़ने और नया रास्ता चुनने से नहीं हिचकते। रानी और गोबिंद अब नई जिंदगी शुरू कर चुके हैं, और कुंदन ने बच्चों की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है। वैशाली की यह अनोखी प्रेम कहानी लोगों के लिए एक नया सबक छोड़ गई है।

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