बरेली: श्रावण माह और कांवड़ यात्रा को लेकर बरेली जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी (डीएम) अविनाश सिंह ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर यात्रा मार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर नॉनवेज और अंडे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर संचालित सभी खानपान की दुकानों पर नेमप्लेट लगाना भी अनिवार्य होगा।
प्रशासन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था व खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कांवड़ मार्ग पर नहीं बिकेगा नॉनवेज
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के पूरे मार्ग पर किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान पर मांस, मछली, अंडा या अन्य नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं होगी।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि यात्रा के दौरान सभी व्यापारी निर्धारित नियमों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सभी खानपान की दुकानों पर लगेगी नेमप्लेट
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर स्पष्ट रूप से नेमप्लेट लगाई जाए।
प्रशासन का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं को दुकानों की पहचान करने में सुविधा होगी और पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
फूड सेफ्टी कनेक्ट एप से दर्ज होगी शिकायत
बैठक में यह भी तय किया गया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा मार्ग पर मौजूद प्रत्येक खाद्य प्रतिष्ठान पर फूड सेफ्टी कनेक्ट एप का स्टीकर लगाया जाएगा।
यदि किसी श्रद्धालु को भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई या किसी अन्य खाद्य सामग्री को लेकर शिकायत होगी तो वह सीधे एप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकेगा। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी।
खाद्य लाइसेंस बढ़ाने के निर्देश
डीएम ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों में खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण की संख्या में कम से कम 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाए।
साथ ही सभी खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण कर यह देखा जाए कि वहां स्वच्छता के मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। निरीक्षण की रिपोर्ट समय-समय पर प्रशासन को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
खुले खाद्य पदार्थों और जूस की होगी विशेष जांच
बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि सड़े-गले फल, खराब सब्जियां, खुले में रखे खाद्य पदार्थ, ताजे फलों के जूस और गन्ने के रस की नियमित जांच की जाए। यदि कहीं मिलावट या खराब गुणवत्ता का खाद्य पदार्थ मिलता है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में केवल खाद्य सुरक्षा ही नहीं, बल्कि दवा दुकानों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बिना वैध औषधि लाइसेंस के संचालित मेडिकल स्टोरों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा खाद्य कारोबारियों की पंजीकृत सूची वाणिज्य कर विभाग के साथ साझा करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।
कई विभागों के अधिकारियों ने की समीक्षा
बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में चल रहे प्रवर्तन अभियान, ईट राइट चैलेंज, अस्पतालों में दवाओं और रक्त की उपलब्धता सहित कई विषयों पर जानकारी प्रस्तुत की।
इस दौरान एडीएम सिटी, नगर मजिस्ट्रेट, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, मंडी सचिव, खाद्य सुरक्षा विभाग, औषधि विभाग, वाणिज्य कर विभाग तथा होटल, रेस्टोरेंट और दवा विक्रेता संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही व्यापारियों से समय-समय पर फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाएंगे, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

