बिलासपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक दिलचस्प और अनोखी प्रेम कहानी ने सबका ध्यान खींचा है। यहां 70 साल के बुजुर्ग दादू राम गंधर्व ने अपने मोहल्ले की 45 साल की महिला के साथ शिव मंदिर में सात फेरे लिए। यह दोनों की दूसरी शादी थी, और इस अनोखे विवाह का गवाह पूरा मोहल्ला बना। गुरुवार रात, करवा चौथ से ठीक एक दिन पहले, बाजे-गाजे और नाच-गाने के साथ यह शादी संपन्न हुई। शादी के बाद दादू राम ने अपनी मूंछों पर ताव देते हुए खुशी जाहिर की, और मोहल्ले वालों ने इस नए जोड़े को ढेर सारी बधाइयां दीं।
मोहल्ले में शुरू हुई प्रेम कहानी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र के चिंगराजपारा अटल आवास का है। यहां रहने वाले 70 वर्षीय दादू राम गंधर्व का दिल उसी मोहल्ले की 45 साल की एक महिला पर आ गया। दोनों की मुलाकात करीब दो साल पहले हुई थी, और धीरे-धीरे बातचीत प्यार में बदल गई। दादू राम की पहली पत्नी की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी थी, और वह अकेले रह रहे थे। वहीं, महिला भी अकेली रहती थी, हालांकि उनके बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों ने अपने प्यार को शादी का नाम देने का फैसला किया और इस अनोखी प्रेम कहानी को अंजाम दिया।
शिव मंदिर में सात फेरे, पूरा मोहल्ला बना बाराती
गुरुवार रात को मोहल्ले के शिव मंदिर में इस जोड़े ने हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी रचाई। सबसे पहले दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, फिर सात फेरे लेकर सभी रस्में पूरी कीं। इस शादी की खास बात यह थी कि पूरा मोहल्ला बाराती बनकर शामिल हुआ। ढोल-नगाड़ों और नाच-गाने के साथ मोहल्ले वालों ने इस अनोखे विवाह को उत्सव की तरह मनाया। शादी के बाद दादू राम ने अपनी मूंछों पर ताव देते हुए कहा, “भगवान की कृपा से मुझे दूसरी बार जीवनसाथी मिली है। यह मेरे लिए खुशी का पल है।”
करवा चौथ से पहले नई शुरुआत
यह शादी करवा चौथ से ठीक एक दिन पहले हुई, जिसने इस मौके को और खास बना दिया। दादू राम ने बताया कि दो साल पहले हुई मुलाकात के बाद उनकी और महिला की नजदीकियां बढ़ीं, और दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “हमने आपसी सहमति से शादी की। यह मेरा दूसरा विवाह है, और मैं इसके लिए बहुत खुश हूं।” मोहल्ले वालों ने भी इस जोड़े की हिम्मत और प्यार की तारीफ की और उन्हें नवदांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।
सामाजिक और भावनात्मक संदेश
दादू राम और उनकी नई दुल्हन की यह प्रेम कहानी उम्र और सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ने का एक शानदार उदाहरण है। 70 साल की उम्र में प्यार और शादी का यह फैसला दिखाता है कि दिल की कोई उम्र नहीं होती। मोहल्ले वालों का उत्साह और समर्थन इस बात का सबूत है कि सच्चा प्यार और समुदाय की एकजुटता हर मुश्किल को आसान बना सकती है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
इस शादी की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लोग इस अनोखी प्रेम कहानी की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “70 साल की उम्र में प्यार और शादी का यह जज्बा काबिल-ए-तारीफ है। दादू राम और उनकी दुल्हन को बधाई!” वहीं, कुछ लोग इसे सामाजिक बदलाव का प्रतीक मान रहे हैं, जहां उम्र और परिस्थितियां प्यार के सामने बाधा नहीं बनतीं।
यह शादी न केवल बिलासपुर के चिंगराजपारा की गलियों में चर्चा का विषय बनी है, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़ में एक प्रेरणादायक कहानी बन गई है। दादू राम और उनकी नई जीवनसाथी ने साबित कर दिया कि प्यार और साथ की तलाश में उम्र महज एक संख्या है।

