भदोही, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के भदोही में एक प्रेमी युगल की लव मैरिज का महज कुछ घंटों में ही दुखद अंत हो गया। कोर्ट मैरिज (Love Marriage) कर घर लौटे प्रेमी युगल को परिवार वालों ने गांव छोड़ने का अल्टिमेटम दे दिया। परिजनों की इस बात से आहत युगल ने दुनिया छोड़ने का फैसला कर लिया और ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। यह दिल दहला देने वाली घटना मंगलवार (20 मई 2025) की रात उत्तर रेलवे के कंधिया रेलवे क्रासिंग के पास हुई। प्रेमी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रेमिका गंभीर रूप से घायल है। परिवार का विरोध और सामाजिक दबाव इस त्रासदी की वजह बना, जिसने गाँव में शोक की लहर दौड़ा दी।
कोर्ट मैरिज के बाद परिवार का विरोध
काजल (24) और विजय यादव (25), दोनों भदोही के मई सोनहर गाँव के निवासी, एक-दूसरे से गहरे प्यार करते थे। लेकिन उनकी अलग-अलग जाति और पड़ोस में रहने की वजह से दोनों के परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे। प्रेम को जिंदगी देने के लिए काजल और विजय ने वाराणसी के कपसेठी में किराए का कमरा लिया, जहाँ वे साथ रहते थे। विजय ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाता था। सोमवार (19 मई 2025) को दोनों ने वाराणसी कोर्ट में शादी रचाई और उम्मीद के साथ अपने गाँव मई सोनहर लौटे। लेकिन परिजनों ने उनका रिश्ता स्वीकार करने से इनकार कर दिया और गांव छोड़ने की बात कही। इस अपमान और दबाव ने दोनों को इतना आहत किया कि उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
कंधिया रेलवे क्रासिंग पर हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार की शाम करीब 7:30 बजे काजल और विजय एक ऑटो से कंधिया रेलवे क्रासिंग पर पहुँचे। ऑटो को सड़क किनारे खड़ा कर दोनों रेलवे लाइन के पश्चिमी छोर पर करीब 50 मीटर दूर चले गए। तभी एक ट्रेन की आवाज सुनाई दी, और दोनों ने उसके सामने छलांग लगा दी। हादसे ने आसपास के लोगों में हड़कंप मचा दिया। विजय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि काजल के दोनों पैर कट गए और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, और भीड़ मौके पर जमा हो गई।
पुलिस और अस्पताल की कार्रवाई
चौरी थाना के प्रभारी निरीक्षक रमेश कुमार ने स्थानीय पत्रकार को बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। काजल को गंभीर हालत में महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। काजल ने पुलिस को अपना और विजय का नाम बताया और घटना की पुष्टि की। पुलिस ने विजय के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दोनों के परिजनों को सूचित किया गया, लेकिन देर रात तक कोई भी परिवार वाला न तो घटनास्थल पर आया और न ही अस्पताल। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में पता चला कि परिवार का विरोध ही इस त्रासदी का कारण बना। पुलिस मामले की गहराई से जाँच कर रही है।
रेलवे ट्रैक पर डेढ़ घंटे तक बाधा
हादसे के बाद कंधिया रेलवे क्रासिंग के पास रेलवे ट्रैक पर विजय का शव और घायल काजल पड़ी थी। सूचना के एक घंटे बाद एंबुलेंस पहुँची, जिससे काजल को अस्पताल ले जाने में देरी हुई। रेलवे ट्रैक खाली न होने की वजह से अप लाइन पर करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा। हालाँकि, परसीपुर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक ने दावा किया कि किसी भी ट्रेन के शेड्यूल पर इसका असर नहीं पड़ा। इस देरी ने स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा की, और उन्होंने त्वरित आपात सेवा की कमी पर सवाल उठाए।
गाँव में शोक, समाज में सवाल
काजल और विजय की इस त्रासदी ने मई सोनहर गाँव में शोक की लहर दौड़ा दी है। गाँववाले इस बात पर हैरान हैं कि परिवार के विरोध ने दो युवाओं को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया। यह घटना सामाजिक दबाव और प्रेम विवाह के प्रति रूढ़ियों पर सवाल उठाती है। लोग चर्चा कर रहे हैं कि अगर परिवार ने दोनों का रिश्ता स्वीकार कर लिया होता, तो शायद यह त्रासदी टल सकती थी। काजल की हालत अब भी नाजुक है, और गाँववाले उसके ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।
प्रेम और सामाजिक बंधनों का टकराव
काजल और विजय की कहानी प्रेम और सामाजिक बंधनों के बीच टकराव की एक दुखद मिसाल है। दोनों ने अपने प्यार को जिंदगी देने के लिए कोर्ट मैरिज का रास्ता चुना, लेकिन परिवार और समाज के दबाव ने उनकी उम्मीदों को कुचल दिया। यह घटना उन तमाम प्रेमी युगलों के लिए सबक है, जो सामाजिक विरोध का सामना कर रहे हैं। साथ ही, यह समाज से सवाल पूछती है कि आखिर कब तक प्रेम को जाति और परंपराओं की बेड़ियों में जकड़ा जाएगा।

