नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार ब्लास्ट में मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी के एक नए वीडियो ने पूरे देश को हिला दिया है, जिसमें वह आत्मघाती हमले को ‘शहादत का ऑपरेशन’ बताते हुए जायज ठहराने की कोशिश करता है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने उमर का बचाव करते हुए उसे ‘भटका हुआ युवक’ करार दिया। मसूद ने वीडियो से असहमति जताई, लेकिन सरकार पर अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों जैसे अल-फलाह यूनिवर्सिटी को ‘जानबूझकर नष्ट करने’ का गंभीर आरोप लगाया। इस बयान ने राजनीतिक विवाद की आग भड़का दी है। भाजपा ने मसूद को ‘आतंकवाद का स्पिन डॉक्टर’ बताते हुए तीखा हमला बोला, जबकि सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना का दौर चल पड़ा है।
उमर का वीडियो: ‘आत्मघाती हमला शहादत का ऑपरेशन’, 15 मौतों का खौफनाक बचाव
मंगलवार को उमर का नया वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह फ्लुएंट इंग्लिश में कहता है कि ‘सुसाइड बॉम्बिंग’ को गलत समझा जाता है—यह वास्तव में इस्लाम में ‘शहादत का ऑपरेशन’ है। पुलवामा के 28 वर्षीय डॉक्टर उमर ने कहा कि अल्लाह ने उन्हें चुना है और यह नेक राह है। एनआईए ने बताया कि यह वीडियो हमले से ठीक पहले रिकॉर्ड किया गया था। ब्लास्ट में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें लुकमान (50) और विनय पाठक (50) की हाल ही में। कई घायल अभी भी अस्पताल में हैं।
इमरान मसूद का बचाव: ‘भटका हुआ युवक’, इस्लाम का गलत चेहरा नहीं
सांसद मसूद ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं इस वीडियो से पूरी तरह असहमत हूं। खुदकुशी इस्लाम में हराम है। मासूमों को मारना धर्म के खिलाफ है। ये भटके हुए लोग हैं, इनकी बातें इस्लाम की सच्ची तस्वीर नहीं पेश करतीं।” उन्होंने उमर को ‘गुमराह युवक’ बताया और जोर दिया कि हमारा धर्म देशभक्ति सिखाता है। “इस घटना का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं। ये गुमराह लोग देश के खिलाफ हैं।” मसूद ने अल्पसंख्यकों को परेशान करने का भी आरोप लगाया।
सरकार पर हमला: अल-फलाह जैसे संस्थान नष्ट करने की साजिश
मसूद ने कहा कि सरकार अल-फलाह यूनिवर्सिटी जैसे अल्पसंख्यक संस्थानों को नष्ट करने की कोशिश कर रही है। “ये जानबूझकर अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को टारगेट कर रही है।” उन्होंने ब्लास्ट के बाद यूनिवर्सिटी पर छापेमारी को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश बताया। यह बयान राजनीतिक हलचल मचा रहा है।
भाजपा का पलटवार: ‘आतंक बचाओ गैंग’, वोट बैंक की राजनीति
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मसूद पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “उमर का वीडियो सुसाइड बॉम्बिंग को जस्टिफाई करता है, लेकिन मसूद जैसे ‘आतंक बचाओ गैंग’ के स्पिन डॉक्टर इसे ‘भटका हुआ युवक’ बता देते हैं। कांग्रेस हमेशा वोट बैंक नीति को राष्ट्र नीति पर तरजीह देती है।” पूनावाला ने मेहबूबा मुफ्ती, हुसैन दलवाई, अबू आजमी, मसूद और अनुमा आचार्य जैसे विपक्षी नेताओं का नाम लिया। “कांग्रेस का हाथ हमेशा आतंकियों के साथ।” सोशल मीडिया पर भी मसूद की आलोचना हो रही है, जहां उन्हें ‘आतंकवाद का समर्थक’ कहा जा रहा है।
एनआईए का नया खुलासा: सह-साजिशकर्ता जसीर बिलाल गिरफ्तार
एनआईए ने मंगलवार को आत्मघाती हमलावर उमर के ‘सक्रिय सह-साजिशकर्ता’ जसीर बिलाल वानी को दिल्ली कोर्ट में पेश किया। अनंतनाग के काजीगुंड निवासी वानी को सोमवार को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। एनआईए ने कहा कि वानी ने ड्रोन में बदलाव, रॉकेट निर्माण और कार बम विस्फोट की तकनीकी मदद दी। कोर्ट में 7 दिन की रिमांड मांगी गई। जांच में पता चला कि उमर का मॉड्यूल JeM से जुड़ा था, जिसमें फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर शामिल थे।
राजनीतिक विवाद तेज, कांग्रेस ने सफाई दी?
कांग्रेस ने मसूद के बयान पर सफाई दी कि यह व्यक्तिगत राय है, लेकिन पार्टी ने आतंकवाद की निंदा की। मसूद का बचाव और सरकार पर आरोप विपक्ष-सरकार के बीच तनाव बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वोट बैंक राजनीति का हिस्सा है, लेकिन 15 मौतों के बाद ऐसा बयान संवेदनशील है। एनआईए की जांच जारी है, और उमर का वीडियो पूरे नेटवर्क को उजागर कर रहा है।
यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक नैतिकता पर बहस छेड़ रही है। मसूद का बयान विपक्ष की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि एनआईए के खुलासे से आतंकी मॉड्यूल की जड़ें और गहरी लग रही हैं।

