चूरू, राजस्थान: प्यार की राहें कभी आसान नहीं होतीं, लेकिन चूरू जिले की पूनम ने अपने प्यार को पाने के लिए समाज और परिवार की सभी बंदिशों को तोड़ दिया। ढाणी माना गांव की 20 साल की पूनम को ट्रैक्टर ड्राइवर सुरेश से प्यार हो गया। परिजनों के सख्त विरोध के बावजूद पूनम ने 9 दिसंबर 2025 को घर छोड़ा और सुरेश के साथ जयपुर पहुंचकर आर्य समाज मंदिर में विधि-विधान से शादी कर ली। लेकिन शादी के बाद परिजनों के गुस्से और बदले की आशंका से डर गईं। दोनों SP ऑफिस पहुंचे और सुरक्षा की गुहार लगाई। पूनम ने साफ कहा – “मैं बालिग हूं, अपनी मर्जी से शादी की है, कोई बहला-फुसलाकर नहीं लाया।”
गांव में मुलाकात, मोबाइल पर बढ़ा प्यार
न्यूज18 हिन्दी की रिपोर्ट के अनुसार, पूनम ने पुलिस को अपनी कहानी सुनाई। करीब एक साल पहले सुरेश किसी काम से ढाणी माना गांव आया था। तब वह लोडर वाहन चलाता था। पहली मुलाकात हुई, नंबर एक्सचेंज हुए और मोबाइल पर बातचीत शुरू हो गई। पूनम ने कहा, “सुरेश पहली नजर में ही दिल में उतर गया। धीरे-धीरे हम एक-दूसरे के करीब आ गए।”
जब पूनम ने घरवालों को सुरेश के बारे में बताया तो विरोध शुरू हो गया। परिजनों का कहना था कि सुरेश पेशे से ड्राइवर है, इसलिए यह रिश्ता मंजूर नहीं। लेकिन पूनम अपने फैसले पर अडिग रही। उसने तय किया कि वह सुरेश से ही शादी करेगी।
परिजनों की मर्जी के खिलाफ जयपुर में शादी
परिजनों की ना सुनकर पूनम ने 9 दिसंबर को घर से निकलने का फैसला किया। वह सुरेश से मिली और दोनों जयपुर पहुंच गए। वहां आर्य समाज मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाज से शादी कर ली। पूनम ने मांग में सिंदूर भरा और सुरेश को अपना पति स्वीकार किया। शादी के बाद दोनों खुश थे, लेकिन पूनम को घरवालों का डर सताने लगा। उसे लगा कि परिजन गुस्से में कुछ भी कर सकते हैं।
SP ऑफिस पहुंचकर मांगी सुरक्षा
डर के मारे पूनम और सुरेश चूरू SP ऑफिस पहुंच गए। पूनम ने अधिकारियों को साफ कहा, “मैं बालिग हूं। अपनी मर्जी से सुरेश से शादी की है। कोई जबरदस्ती या बहला-फुसलाकर नहीं लाया। हम दोनों साथ जीना चाहते हैं।” दोनों ने एहतियातन पुलिस सुरक्षा की मांग की, ताकि कोई अनहोनी न हो।
पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज किए। फिलहाल उन्हें कोई धमकी नहीं मिली है, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
परिवार और समाज की बंदिशों को तोड़कर प्यार की मिसाल
यह प्रेम कहानी चूरू में चर्चा का विषय बन गई है। पूनम की हिम्मत की लोग तारीफ कर रहे हैं तो कुछ परंपराओं पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन पूनम और सुरेश का प्यार समाज की बंदिशों से ऊपर उठकर एक साथ जीने का फैसला कर चुका है।
बुंदेलखंड की इस प्रेम कहानी ने फिर साबित कर दिया कि प्यार में दीवाने किसी की नहीं सुनते। पूनम ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर अपना प्यार पा लिया और अब शांतिपूर्वक जीवन जीने की उम्मीद कर रही है। पुलिस की सुरक्षा में दोनों का नया जीवन शुरू हो चुका है।

