आगरा, उत्तर प्रदेश: आगरा में धर्मांतरण गैंग के मामले में कोर्ट में एक बड़ी बहन के बयानों ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उसने गैंग के मकसद और कार्यप्रणाली का पर्दाफाश किया, जिसमें धर्म परिवर्तन की साजिश और कोलकाता में मुस्लिम बस्ती तक की कहानी शामिल है। छोटी बहन अभी भी इस्लाम के पक्ष में अड़ी है, और उसका पाकिस्तानी युवक से चैट का खुलासा पुलिस के लिए चौंकाने वाला है।
कोर्ट में बयान और गैंग का खुलासा
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने सदर की एक बड़ी बहन के कोर्ट में बयान दर्ज कराए, जिसमें उसने धर्मांतरण गैंग की पूरी साजिश बयां की। उसने बताया कि कैसे गैंग ने उनका धर्म बदलवाया, उन्हें नमाज पढ़ना सिखाया, और ‘रिवर्ट ग्रुप’ के जरिए उनकी मानसिकता को प्रभावित किया। उसने कोलकाता में रुकने और वहाँ मदद करने वालों की जानकारी भी दी। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि बड़ी बहन ने पुलिस को दिए बयानों की पुष्टि की, जिसके बाद उसे घर भेज दिया गया।
छोटी बहन की जिद और पाकिस्तानी कनेक्शन
छोटी बहन अभी भी इस्लाम के पक्ष में अड़ी हुई है और कह रही है कि उसने कुछ गलत नहीं किया। वह बालिग होने का हवाला देकर अपने फैसले को सही ठहरा रही है। पुलिस ने उसके मोबाइल रिकॉर्ड की जाँच की तो पता चला कि वह पिछले चार साल से पाकिस्तान के पेशावर के एक युवक से चैट कर रही थी। इस युवक ने उसके दिमाग में उसके धर्म के खिलाफ जहर भरा। काउंसलर उसकी काउंसलिंग कर रहे हैं, लेकिन वह अपनी जिद पर कायम है, जिससे काउंसलर भी हार मानने लगे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
मार्च 2025 में सदर की दो सगी बहनें नाटकीय ढंग से घर से गायब हो गई थीं। पुलिस ने 18 जुलाई को कोलकाता की एक मुस्लिम बस्ती से उन्हें बरामद किया। छह राज्यों में छापेमारी कर आयशा उर्फ एसबी कृष्णा सहित दस लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद में दिल्ली के मुस्तफाबाद से गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान और उसके दो बेटों सहित तीन अन्य को पकड़ा गया। कुल 14 आरोपी जेल में हैं। पुलिस ने पाँच युवतियों के बयान पहले ही कोर्ट में दर्ज कराए थे, और अब बड़ी बहन का बयान इस मामले को और मजबूत करता है।
गैंग की साजिश
बड़ी बहन ने कोर्ट में बताया कि गैंग सुनियोजित तरीके से युवतियों को अपने जाल में फँसाता था। उन्हें पहले धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था, फिर नमाज और अन्य इस्लामी प्रथाओं में शामिल किया जाता था। ‘रिवर्ट ग्रुप’ के जरिए उनकी मानसिकता को बदला जाता था। कोलकाता में गैंग ने उन्हें शरण दी और आगे की साजिश को अंजाम देने की कोशिश की। पुलिस का मानना है कि यह गैंग देशभर में सक्रिय है और इसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है।
सामाजिक और कानूनी सवाल
यह मामला धर्मांतरण, प्रेम के नाम पर धोखा, और विदेशी कनेक्शन जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है। छोटी बहन का पाकिस्तानी युवक से संपर्क राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं को भटकाने की साजिश पर सवाल उठाता है। यह समाज से जागरूकता, परिवारों से बच्चों पर नजर, और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की माँग करता है। छोटी बहन की जिद और काउंसलिंग की चुनौती मानसिक प्रोग्रामिंग की गंभीरता को दर्शाती है।
आगे की जाँच
पुलिस छोटी बहन की काउंसलिंग के साथ-साथ गैंग के अन्य सदस्यों और पाकिस्तानी कनेक्शन की जाँच कर रही है। मोबाइल चैट और अन्य सबूतों की पड़ताल जारी है। यह मामला आगरा में हलचल मचा रहा है, और लोग पुलिस की कार्रवाई और कोर्ट के फैसले पर नजर रखे हुए हैं। यह घटना न केवल कानूनी, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर बहस छेड़ रही है।

