बलिया: ‘तवायफ’ नाम से शर्मिंदगी झेल रहे गांव को मिली नई पहचान, अब नाम होगा ‘देवपुर’

Ballia News: बलिया जिले के सिकंदरपुर तहसील में स्थित 'रूपवार तवायफ' गांव के लोग दशकों से नाम की वजह से शर्मिंदगी और ताने झेल रहे थे। मीडिया रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई और ग्रामीणों की खुली बैठक में सर्वसम्मति से गांव का नाम 'देवपुर' करने का प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही गांव की नई पहचान 'देवपुर' होगी। ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

Samvadika Desk
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इमेज - स्क्रीनग्रैब/आजतक
Highlights
  • 'तवायफ' नाम से शर्मिंदगी खत्म, गांव अब बनेगा 'देवपुर'!
  • खुली बैठक में सर्वसम्मति से लिया नाम बदलने का प्रस्ताव!
  • शासन को भेजा गया नाम बदलने का प्रस्ताव!

बलिया, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सिकंदरपुर तहसील में स्थित ‘रूपवार तवायफ’ गांव के लोगों को दशकों से नाम की वजह से सामाजिक शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही थी। गांव का नाम सुनते ही बाहर पढ़ाई करने गए बच्चे झिझक जाते थे। पहचान पत्र, दस्तावेज या रिश्ते-नाते में गांव का नाम बताते समय लोग असहज हो जाते थे। कई बार इसी वजह से युवाओं के रिश्ते भी टूट जाते थे। लेकिन अब इस गांव को नई पहचान मिलने जा रही है। गांव का नाम बदलकर ‘देवपुर’ कर दिया जाएगा।

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नाम से जुड़ी पीड़ा और मीडिया की भूमिका

गांव के नाम में ‘तवायफ’ शब्द होने की वजह से लोग सालों से ताने सुनते आए थे। गांव के युवा और बच्चे जब बाहर जाते थे, तो गांव का नाम बताने में शर्मिंदगी महसूस करते थे। इस मुद्दे को पिछले सप्ताह निजी मीडिया चैनल ने प्रमुखता से दिखाया। रिपोर्ट देखने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। शासन के निर्देश पर स्थानीय अधिकारियों की टीम गांव पहुंची।

खुली बैठक में सर्वसम्मति से लिया फैसला

एडीओ पंचायत, ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में गांव में एक खुली बैठक बुलाई गई। बैठक में सभी ग्रामीणों ने एकमत होकर प्रस्ताव पारित किया कि गांव का नाम अब ‘रूपवार तवायफ’ नहीं, बल्कि ‘देवपुर’ होगा। इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही आधिकारिक रूप से गांव का नाम बदल जाएगा।

ग्रामीणों में खुशी का माहौल

नई पहचान मिलने की खबर से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने मीडिया का आभार जताया और कहा कि अब उनके बच्चे गर्व से अपने गांव का नाम बता सकेंगे। पहले जहां नाम सुनते ही लोग ताने मारते थे, अब ‘देवपुर’ नाम के साथ वे बेझिझक अपनी पहचान बता सकेंगे। कई ग्रामीणों ने कहा कि यह बदलाव उनके लिए नई शुरुआत है और अब वे बिना किसी संकोच के समाज का हिस्सा महसूस करेंगे।

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प्रशासन की संवेदनशीलता

प्रशासन ने इस मुद्दे को बहुत संवेदनशीलता से लिया। ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करने का वादा किया गया है। यह फैसला ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही पीड़ा को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

‘रूपवार तवायफ’ से ‘देवपुर’ बनने के बाद यह गांव अब एक नई पहचान और सम्मान के साथ आगे बढ़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे अपने बच्चों को गर्व से बता सकेंगे कि उनका गांव ‘देवपुर’ है। यह घटना दिखाती है कि नाम कितना महत्वपूर्ण होता है और एक छोटा-सा बदलाव पूरे समुदाय की जिंदगी में कितना बड़ा फर्क ला सकता है।

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