बाराबंकी में शादी के मंडप में हाई ड्रामा: दहेज विवाद के बीच प्रेमी ने भरी दुल्हन की मांग, दूल्हा और बरात लौटी बेरंग

UP News: बाराबंकी में शादी के मंडप में दहेज विवाद के बीच दुल्हन मोहनी के प्रेमी शिवांश ने उसकी मांग भर दी। वर पक्ष की डेढ़ लाख रुपये और सोने की मांग से शुरू हुआ हंगामा बरात के लौटने तक पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता कराया।

Samvadika Desk
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Highlights
  • बाराबंकी: मंडप में दहेज विवाद, प्रेमी ने भरी दुल्हन की मांग!
  • शहर कोतवाली पुलिस ने संभाला मोर्चा, दोनों पक्षों में समझौता!

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक शादी समारोह में उस समय हंगामा मच गया, जब मंडप में फेरे शुरू होने से पहले दहेज को लेकर विवाद छिड़ गया। दुल्हन रोने लगी, और तभी मौके पर मौजूद उसके प्रेमी ने भरी भीड़ में उसकी मांग भर दी। यह नजारा देख दूल्हा और बरात के लोग स्तब्ध रह गए। आखिरकार बरात बिना शादी के लौट गई, और मामला पुलिस तक पहुंचा। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया। यह घटना अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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मंडप में दहेज का ड्रामा: विवाद ने लिया नया मोड़

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना बाराबंकी के शहर कोतवाली क्षेत्र के बंकी कस्बे की है। उत्तर टोला निवासी नरेश की 21 वर्षीय बेटी मोहनी की शादी कोठी क्षेत्र के विकास सोनी के साथ तय हुई थी। 24 सितंबर की शाम को बरात धूमधाम से दुल्हन के घर पहुंची। स्वागत-सत्कार और जयमाला के बाद मंडप में शादी की रस्में शुरू हो गईं। लेकिन तभी वर पक्ष ने अचानक डेढ़ लाख रुपये नकद और डेढ़ तोला सोने के जेवर की मांग रख दी।

दुल्हन के परिवार ने इस मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई। इसके बाद वर पक्ष ने बरात वापस ले जाने की धमकी दी। विवाद बढ़ता गया, और माहौल गर्म हो गया। मोहनी इस तनाव को सह न सकी और रोने लगी। उसकी हालत देखकर मंडप में मौजूद उसका परिचित शिवांश, जो उसकी बहन का देवर बताया जा रहा है, आगे आया। उसने बिना देर किए मोहनी की मांग में सिंदूर भर दिया। यह देख मंडप में सन्नाटा छा गया, और कुछ ही पलों में हंगामा मच गया।

प्रेमी का साहस या सनसनी: मांग भरने से मचा बवाल

शिवांश के इस कदम ने सभी को हैरान कर दिया। वर पक्ष के लोग भड़क गए, और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोंकझोंक शुरू हो गई। दूल्हा विकास सोनी और उनके परिवार वाले इस अपमान को बर्दाश्त नहीं कर सके। मंडप में मौजूद मेहमान भी इस अनपेक्षित ड्रामे को देखकर सकते में आ गए। कुछ लोगों ने इसे प्रेम का साहस कहा, तो कुछ ने इसे शादी के माहौल को खराब करने की साजिश करार दिया।

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हंगामा बढ़ता देख किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। शहर कोतवाली की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई। इस बीच, वर पक्ष बिना शादी किए बरात लेकर लौट गया। मंडप, जो कुछ घंटे पहले उत्साह से भरा था, अब सन्नाटे में डूब गया।

पुलिस ने संभाला मोर्चा: समझौते से सुलझा मामला

कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में किसी भी पक्ष ने औपचारिक तहरीर नहीं दी। दोनों पक्षों ने थाने में बैठकर बात की और आपसी सहमति से मामला सुलझाने का फैसला किया। हालांकि, वर पक्ष ने दहेज मांगने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनका कहना था कि यह सब एक सुनियोजित ड्रामा था, जिसे दुल्हन पक्ष ने उनकी बेइज्जती करने के लिए रचा। दूसरी ओर, दुल्हन के परिवार ने शिवांश के कदम को भावनात्मक समर्थन बताया, लेकिन इस पर ज्यादा कुछ कहने से बचे।

दहेज और प्रेम का टकराव

यह घटना बाराबंकी में चर्चा का विषय बन गई है। लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या शिवांश का मांग भरना सही था, या यह शादी को तोड़ने का बहाना था। कुछ लोग इसे दहेज की मांग के खिलाफ एक बगावत मान रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक मान्यताओं का उल्लंघन बता रहे हैं। यह मामला दहेज प्रथा और प्रेम के बीच टकराव को भी उजागर करता है, जो आज भी भारतीय समाज में गहरे पैठे हैं।

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पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शादी-विवाह जैसे संवेदनशील मौकों पर विवादों को शांति से सुलझाएं। फिलहाल, मोहनी और शिवांश की कहानी अधूरी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर समाज को दहेज और रिश्तों की जटिलताओं पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।

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