बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली के भोजीपुरा थाने में हाल ही में स्थापित परामर्श केंद्र ने एक दहेज और शारीरिक उत्पीड़न के मामले को सफलतापूर्वक सुलझा दिया है। काउंसलरों की मध्यस्थता के बाद पति-पत्नी एक-दूसरे को समझते हुए साथ घर लौट गए। यह केंद्र पर सुलझाया गया पहला मामला है, जिसे पुलिस और समाज दोनों ने सकारात्मक कदम बताया है।
क्या था पूरा मामला?
मीडिया जानकारी के अनुसार, भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव पचदौरा निवासी वेद प्रकाश की पत्नी रिंकी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रिंकी ने आरोप लगाया कि उनके पति एक लाख रुपये दहेज की मांग करते हैं, उनके एक अन्य महिला से अनैतिक संबंध हैं और वह नियमित रूप से उनका शारीरिक उत्पीड़न भी करते हैं।
तहरीर मिलने के बाद प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह ने मामले को थाने में बने परामर्श केंद्र को भेज दिया। शुक्रवार को परामर्श केंद्र पर पति-पत्नी के बीच काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। इसमें एसआरएमएस की डॉ. मनाली साहू, साकार संस्था की ममता और भोजीपुरा थाने की उप निरीक्षक श्वेता तिवारी शामिल थीं।
काउंसलिंग में दोनों पक्ष राजी
काउंसलिंग के दौरान रिंकी के मायके (फतेहगंज पश्चिमी के गांव टिटौली) और ससुराल पक्ष के लोग भी मौजूद थे। काउंसलरों ने दोनों पक्षों की दलीलें ध्यान से सुनीं और उन्हें रिश्ते के महत्व, सामाजिक बदनामी तथा परिवार के विघटन के परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया। दोनों पक्षों ने काउंसलरों की बात मान ली और पति-पत्नी एक साथ घर चले गए।
केंद्र की स्थापना और पहली सफलता
यह परामर्श केंद्र शासन के निर्देश पर एसएसपी अनुराग आर्य द्वारा हाल ही में भोजीपुरा थाने में स्थापित करवाया गया था। इसका उद्घाटन एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्र ने किया था। यह पहली बार है जब इस केंद्र पर पति-पत्नी के किसी विवाद को सफलतापूर्वक सुलझाया गया है।
परामर्श केंद्र का उद्देश्य है कि छोटे-छोटे पारिवारिक विवादों को अदालत तक जाने से पहले ही सुलझाया जाए, ताकि परिवार टूटने से बच सकें और सामाजिक सद्भाव बना रहे।
यह घटना दिखाती है कि सही समय पर सही मध्यस्थता से रिश्तों को बचाया जा सकता है। भोजीपुरा थाने का परामर्श केंद्र अब अन्य विवादित मामलों में भी इसी तरह की सफलता हासिल करने की उम्मीद जगाता है।

