बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। लंबे समय से जाम और संकरी सड़क की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने वाली है। शहर से गुजरने वाले पुराने मथुरा-बरेली मार्ग को सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर चौड़ा किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) इस मार्ग को आधुनिक जरूरतों के अनुसार विकसित करने की योजना बना रहा है। नई कार्य योजना में इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
बाईपास बनने के बाद पुरानी सड़क वापस
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मथुरा-बरेली हाईवे बाईपास बनने के बाद शहरी क्षेत्र की पुरानी सड़क को दोबारा लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया है। अब विभाग इस मार्ग को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। प्रस्ताव के तहत करीब 26 किलोमीटर लंबे इस मार्ग की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी, जिससे शहर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही सुगम हो सकेगी और जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
वाहनपुर से कंचना फाटक तक चौड़ी होगी सड़क
योजना के अनुसार, वाहनपुर से कंचना फाटक तक सड़क को चौड़ा किया जाएगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए तकनीकी प्रक्रिया चल रही है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
शहरवासियों को बड़ी राहत
शहर के अंदरूनी इलाकों में संकरी सड़क और लगातार जाम की समस्या से लोग काफी परेशान थे। नई सड़क चौड़ी होने के बाद न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा। यह परियोजना बरेली को और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
विकास कार्यों में तेजी
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बरेली के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मथुरा-बरेली मार्ग का चौड़ीकरण इनमें से एक प्रमुख परियोजना है। विभाग जल्द ही अन्य सड़कों के सुधार और नए निर्माण के प्रस्ताव भी तैयार कर रहा है।
उम्मीद जगी शहरवासियों में
यह खबर सुनकर बरेलीवासियों में नई उम्मीद जगी है। लोग कह रहे हैं कि अगर यह सड़क समय पर चौड़ी हो गई, तो रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो जाएगी। खासकर सुबह-शाम की भीड़भाड़ और जाम से मुक्ति मिलेगी।
आगे की तैयारी
लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा। बरेली के विकास में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।

