श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में लव जिहाद का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक, समीर अहमद, ने अपनी सहपाठी को प्रेम के जाल में फंसाकर उस पर धर्म परिवर्तन और निकाह का दबाव डाला। मना करने पर उसने आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकियाँ दीं। पीड़िता और उसका परिवार डर के साये में है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
प्रेम का झूठा जाल
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इकौना थाना क्षेत्र की यह घटना एक बीए तृतीय वर्ष की छात्रा से जुड़ी है। पीड़िता ने बताया कि वह स्थानीय महाविद्यालय में पढ़ती है, जहाँ कबीर नगर मोहल्ले का समीर अहमद भी उसका सहपाठी है। समीर ने पहले दोस्ती का हाथ बढ़ाया और फिर झूठे वादों के साथ उसे प्रेमजाल में फँसाया। धीरे-धीरे उसने अपनी असलियत दिखानी शुरू की और गलत इरादों से उसे परेशान करने लगा।
छेड़छाड़ और ब्लैकमेल
पीड़िता के मुताबिक, समीर अक्सर उसे एकांत में बुलाता और छेड़छाड़ करता। उसने विरोध करने पर जबरदस्ती की। 27 अप्रैल 2025 को उसने इकौना के पास नहर की पटरी पर उसे बुलाया, जहाँ उसने जबरन छेड़छाड़ की और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बना लिए। इन फोटो-वीडियो का इस्तेमाल कर वह अब उसे ब्लैकमेल कर रहा है।
धर्म परिवर्तन का दबाव
समीर ने पीड़िता पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव बनाना शुरू किया। जब उसने मना किया, तो उसने जान से मारने और फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकियाँ दीं। इन धमकियों से पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है। डर के मारे परिवार ने इकौना थाने में तहरीर देकर पुलिस से मदद माँगी।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने समीर अहमद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इकौना थाना पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है, ताकि पीड़िता को न्याय मिले और दोषी को सजा दी जाए।
सामाजिक और कानूनी सवाल
यह मामला लव जिहाद, ब्लैकमेलिंग, और महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है। प्रेम के नाम पर धोखा और धर्म परिवर्तन का दबाव समाज में तनाव पैदा करता है। यह घटना युवतियों को अनजान लोगों पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहने और परिवारों से पारदर्शी बातचीत की जरूरत को रेखांकित करती है।
समाज से अपील
यह घटना समाज से जागरूकता और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की माँग करती है। पीड़िता के परिवार ने समुदाय से समर्थन माँगा है, ताकि उनकी बेटी को इंसाफ मिले। यह मामला न केवल व्यक्तिगत दुख को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाता है। पुलिस की जाँच से इस मामले के और पहलू सामने आने की उम्मीद है।

