बरेली: मौलाना तौकीर रजा की ‘जमानत वाली छटपटाहट’! 6 महीने में 21 अर्जियां लगाईं, फिर भी नहीं खुली जेल की सलाखें

Bareilly News: बरेली से जुड़े मौलाना तौकीर रजा फतेहगढ़ जेल में छह महीने से बंद हैं। इस दौरान उन्होंने 21 जमानत अर्जियां लगाईं, लेकिन तीन गंभीर मुकदमों (हत्या के प्रयास समेत) में अभी तक राहत नहीं मिली है। पुलिस की मजबूत पैरवी और सबूतों के कारण हर बार जमानत अर्जी खारिज हो रही है। मौलाना पर कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 7 में जमानत मिल चुकी है।

Samvadika Desk
3 Min Read
मौलाना तौकीर रजा (इमेज - सोशल मीडिया)
Highlights
  • मौलाना तौकीर रजा की जमानत की छटपटाहट तेज!
  • 6 महीने में 21 जमानत अर्जियां लगाईं, फिर भी राहत नहीं!
  • उपद्रव और हिंसा के आरोप में दर्ज हैं 10 मुकदमे!

बरेली, उत्तर प्रदेश: फतेहगढ़ जेल में बंद मौलाना तौकीर रजा की जमानत पाने की कोशिशें अब छटपटाहट में बदल गई हैं। जेल में बंद हुए छह महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें जमानत नहीं मिल सकी है। इस दौरान उन्होंने निचली अदालतों से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट तक कुल 21 जमानत अर्जियां लगा दी हैं।

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21 अर्जियां, फिर भी राहत नहीं

मीडिया जानकारी के मुताबिक, मौलाना पर कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 7 मुकदमों में उन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन बाकी तीन गंभीर मुकदमों में अभी भी सुनवाई चल रही है। इन तीनों मामलों में हत्या के प्रयास की धारा लगी हुई है।

सबसे महत्वपूर्ण मुकदमा कोतवाली थाने का है, जिसमें थाना प्रभारी की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। इस मुकदमे में एडीजे कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद मौलाना ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहां भी कई तारीखें लग चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।

तारीखों का सिलसिला जारी

मौलाना की जमानत अर्जियों पर अब तक 30 से ज्यादा तारीखें लग चुकी हैं। कुछ मुकदमों में तो तीन-तीन-चार-चार तारीखें भी पड़ चुकी हैं। दो मुकदमों की सुनवाई अभी एडीजे कोर्ट में चल रही है, जबकि एक मुकदमे की सुनवाई हाईकोर्ट में है। पुलिस की ओर से मजबूत पैरवी की जा रही है, जिसके कारण हर बार जमानत याचिका में अगली तारीख लग जाती है।

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जब तक इन तीनों गंभीर मुकदमों में जमानत नहीं मिलती, मौलाना जेल से बाहर नहीं निकल पाएंगे।

मौलाना की स्थिति

मौलाना तौकीर रजा पिछले छह महीनों से फतेहगढ़ जेल में बंद हैं। उपद्रव और हिंसा के आरोप में उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। जमानत की छटपटाहट इतनी बढ़ गई है कि उन्होंने लगातार निचली अदालत, सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट में अर्जियां दाखिल कीं, लेकिन तीन गंभीर मामलों में अभी भी राहत नहीं मिल सकी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गंभीर धाराओं वाले मामलों में मजबूत सबूत और पैरवी के कारण जमानत मिलने में देरी हो रही है।

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यह मामला दिखाता है कि कानूनी प्रक्रिया कितनी लंबी और जटिल हो सकती है, खासकर जब आरोप गंभीर हों। मौलाना तौकीर रजा की जमानत की लड़ाई अभी भी जारी है और अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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