लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में अवैध धर्मांतरण के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। इस मामले में मुख्य आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी-टेरेरिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने 5 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस रैकेट को समाज और राष्ट्र विरोधी करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और उनकी संपत्ति जब्त करने का ऐलान किया है। मंगलवार, 8 जुलाई 2025 को छांगुर बाबा के सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन के अवैध बंगले पर बुलडोजर चला, जिसने इस मामले को और सुर्खियों में ला दिया।
रैकेट का खुलासा, चौंकाने वाली साजिश
यूपी ATS ने बलरामपुर के मधपुर गाँव से छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि यह रैकेट सुनियोजित तरीके से गैर-मुस्लिम, खासकर हिंदू और सिख लड़कियों को निशाना बनाता था। लालच, डर, और छल के जरिए धर्मांतरण करवाया जाता था। ATS की रिपोर्ट के मुताबिक, छांगुर बाबा ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति बनाई, जिसमें आलीशान बंगला, लग्जरी गाड़ियाँ और शोरूम शामिल हैं। इस रैकेट में विदेशी फंडिंग, खासकर खाड़ी देशों से, का भी हाथ होने की बात सामने आई है।
विदेशी फंडिंग और संगठित अपराध
छांगुर बाबा, जो पहले अंगूठियाँ बेचता था, ने कथित तौर पर सूफी संत बनकर बलरामपुर के चाँद औलिया दरगाह के पास अपनी गतिविधियाँ चलाईं। उसने एक हिंदू परिवार (घनश्याम अरोड़ा, नीतू, और उनकी बेटी समाले) को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया, जिन्होंने बाद में जमालुद्दीन, नसरीन, और सबीहा के रूप में नई पहचान अपनाई। ATS को जलालुद्दीन के घर से एक डायरी मिली, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों को धर्मांतरण के लिए निशाना बनाने की लिस्ट थी। इस रैकेट में जाति के आधार पर रेट तय थे- ब्राह्मण, क्षत्रिय, और सिख लड़कियों के लिए 15-16 लाख, पिछड़ी जातियों के लिए 10-12 लाख, और अन्य के लिए 8-10 लाख रुपये।
बुलडोजर एक्शन, संपत्ति जब्त
8 जुलाई 2025 को बलरामपुर के मधपुर गाँव में छांगुर बाबा के सहयोगी नीतू के नाम पर बने 3 बीघा के आलीशान बंगले को प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया। यह बंगला सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बना था, और इसके लिए तहसीलदार ने 15 मई 2025 को बेदखली का आदेश दिया था। इसके बाद 26 मई और 6 जून को दोबारा नोटिस जारी हुए थे। बुलडोजर कार्रवाई SDM और CO की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ हुई, जो योगी सरकार की सख्ती का संदेश देती है। सीएम योगी ने कहा कि सभी दोषियों की संपत्तियाँ जब्त होंगी।
सीएम योगी का सख्त बयान
सीएम योगी ने X पर लिखा, “हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जलालुद्दीन की गतिविधियाँ समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं।” उन्होंने वादा किया कि इस तरह के अपराधियों को ऐसी सजा दी जाएगी जो समाज के लिए मिसाल बने। योगी ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि इसमें विदेशी फंडिंग और कट्टरपंथी संगठनों की भूमिका की जाँच हो रही है।
सिख और सिंधी समाज का गुस्सा
सिख और सिंधी समुदायों ने इस रैकेट के खिलाफ गहरा आक्रोश जताया। कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने इसे सिख समुदाय के खिलाफ साजिश बताया, जबकि गुरुद्वारा पटेलनगर के हेड ग्रंथी ज्ञानी भगत सिंह ने इसे सिख अस्मिता पर हमला करार दिया। सिंधी नेता नानक चंद लखमानी और किशन चंद्र तनवानी ने कहा कि उनकी बहन-बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है, जो उनकी संस्कृति को मिटाने की कोशिश है। इन्होंने दोषियों को फाँसी की माँग की।
महिला आयोग की माँग
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने जलालुद्दीन के लिए फाँसी की सजा की माँग की। उन्होंने इसे “जबरन धर्मांतरण की जहरीली विचारधारा का प्रयोगशाला” बताया और कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश है। आयोग ने सरकार से त्वरित और कठोर कार्रवाई की अपील की है।
राष्ट्रीय जाँच की माँग
पुलिस ने गोमतीनगर थाने में BNS और उत्तर प्रदेश अवैध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 के तहत मामला दर्ज किया है। इस रैकेट के तार नेपाल और खाड़ी देशों से जुड़े होने की आशंका है। ATS ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से इसकी जाँच की माँग की है, ताकि वित्तीय और धार्मिक पहलुओं का गहराई से पता लगाया जा सके।
समाज और सुरक्षा पर सवाल
यह मामला न केवल धार्मिक स्वतंत्रता, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द पर भी सवाल उठाता है। सिख और सिंधी समुदायों का कहना है कि यह उनकी अस्मिता और संस्कृति पर हमला है। यह घटना समाज से जागरूकता और सरकार से कठोर कानूनी कदमों की माँग करती है, ताकि ऐसी साजिशें फिर न हों।
(यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)

