लखनऊ, उत्तर प्रदेश: बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद भड़के बड़े दंगे की पूरी रिपोर्ट सौंपी और अब तक की पुलिस-प्रशासनिक कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा दिया। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई पर संतोष जताया, लेकिन सख्त हिदायत दी कि एक भी दोषी कानून की पकड़ से बाहर नहीं रहना चाहिए, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
जीरो टॉलरेंस की नीति, अदालत में मजबूत पैरवी
मुलाकात में सीएम योगी ने साफ कहा कि बरेली में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जारी रहेगा। निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक हर स्तर पर मजबूत पैरवी हो, ताकि किसी आरोपी को राहत न मिले। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों को सिर्फ सजा नहीं, समाज के सामने उदाहरण बनना होगा।
हनुमान प्रतिमा भेंट, योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुँचे
डीएम-एसएसपी ने मुख्यमंत्री को भगवान हनुमान की प्रतिमा भेंट की। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की हर कल्याणकारी योजना का लाभ बिना भेदभाव के वास्तविक हकदार तक पहुँचे। फील्ड में जाकर समस्याओं की जाँच करें और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
रामायण वाटिका के लिए सीएम ने स्वीकारा न्योता
जिलाधिकारी ने बीडीए द्वारा विकसित रामायण वाटिका की प्रगति रिपोर्ट सौंपी और वहाँ स्थापित होने वाली भगवान श्रीराम की भव्य 51 फीट ऊँची प्रतिमा के अनावरण के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया। साथ ही पंडित राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा स्थापना और उनके नाम पर कॉलेज के नामकरण कार्यक्रम के लोकार्पण के लिए भी बरेली आने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी कार्यक्रमों में आने का न्योता सहर्ष स्वीकार कर लिया।
एसएसपी बोले: हर दोषी की पहचान, कठोर कार्रवाई जारी
एसएसपी अनुराग आर्य ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि बवाल में शामिल हर तत्व की पहचान कर गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई चल रही है। सीएम ने स्पष्ट कहा है कि यह कार्रवाई सिर्फ सजा नहीं, समाज में कानून का भय पैदा करने वाली होनी चाहिए।
मुलाकात के बाद दोनों अधिकारी बरेली लौट गए। जिले में दंगा आरोपियों पर शिकंजा कसने के साथ ही विकास परियोजनाओं को भी रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है।

