बरेली, उत्तर प्रदेश: तीन तलाक की पीड़ा झेल चुकी बरेली (लखीमपुर खीरी) की नूरजहां ने इस्लाम धर्म छोड़ दिया और अपना नाम बदलकर पूनम रख लिया। इसके बाद उन्होंने अपने साथी धर्मपाल से हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचा ली। शादी ऋषि मुनि आश्रम में धूमधाम से हुई, जिसमें दोनों के परिवार वाले भी शामिल हुए और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।
तीन तलाक के बाद दिल्ली में मिला नया साथी
नूरजहां ने एक निजी मीडिया चैनल को बताया कि पति ने तीन तलाक दे दिया था। इसके बाद वह दिल्ली चली गईं और एक खिलौना फैक्ट्री में काम करने लगीं। वहीं उनकी मुलाकात धर्मपाल से हुई। दोनों साथ काम करते-करते करीब आए और प्यार हो गया। करीब आठ महीने लिव-इन में रहने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया।
“हिजाब-बुरका और हलाला कभी पसंद नहीं था”
पूनम (पूर्व नूरजहां) ने कहा, “बचपन से मुझे हिजाब-बुरका और हलाला जैसी प्रथाएं कभी अच्छी नहीं लगीं। मैं हमेशा से भगवान राम की भक्त रही हूं। तीन तलाक के बाद मैंने खुद फैसला किया कि अब हिंदू धर्म अपनाऊंगी। किसी का कोई दबाव नहीं है।”

कचहरी में दिया हलफनामा, गंगाजल से हुआ शुद्धिकरण
धर्म परिवर्तन के लिए पूनम ने बरेली कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया, जिसमें लिखा – “मैं अपनी पूरी स्वेच्छा और खुशी से हिंदू धर्म अपना रही हूं। मेरे ऊपर किसी का दबाव नहीं है।” इसके बाद विधि-विधान से गंगाजल से शुद्धिकरण किया गया। आश्रम में पंडित शंकधार ने मंत्रोच्चार के साथ पूनम और धर्मपाल की शादी कराई।
परिवार का विरोध भी झेला, आखिर जीत प्यार की हुई
परिवार वालों ने शुरू में धर्म परिवर्तन का विरोध किया, लेकिन पूनम अपने फैसले पर अडिग रहीं। आखिरकार परिजन मान गए और शादी में शामिल भी हुए। धर्मपाल ने कहा, “हम आठ महीने साथ रहे, एक-दूसरे को अच्छे से समझा और अब जीवनभर साथ निभाने का फैसला किया है।”
बरेली में यह अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। तीन तलाक की पीड़िता नूरजहां से हिंदू पूनम बनकर नई जिंदगी शुरू करने वाली इस महिला की हिम्मत को लोग सलाम कर रहे हैं।

