मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश: मुरादाबाद जिले के बिलारी नगर में एक हिंदू छात्रा के साथ हुई घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। 16 साल की 12वीं कक्षा की छात्रा को ट्यूशन में पढ़ने वाली पांच मुस्लिम सहेलियों ने जबरन बुर्का पहनाया। आरोप है कि इन लड़कियों ने छात्रा पर इस्लाम कबूल करने और धर्म बदलने का भी दबाव बनाया। पिछले सप्ताह ट्यूशन में बुर्का पहनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया। छात्रा के भाई ने थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने पांचों लड़कियों (उम्र 15 से 17 साल) के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। जांच जारी है।
छात्रा के भाई ने क्या कहा?
मीडिया जानकारी के अनुसार, थाना बिलारी के मोहल्ला अब्दुल्ला दक्षिणी निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी बहन 12वीं कक्षा में पढ़ती है और साहू कुंज कालोनी में ट्यूशन के लिए जाती है। ट्यूशन में विशेष समुदाय (मुस्लिम) की लड़कियां भी पढ़ती हैं। आरोप है कि इन लड़कियों ने उसकी बहन को जबरन बुर्का पहनाया। इतना ही नहीं, वे उस पर लगातार दबाव बनाती थीं कि वह इस्लाम कबूल कर ले और मुस्लिम बन जाए।
युवक ने विशेष रूप से एक छात्रा का नाम लिया, जो थावला गांव की रहने वाली है। उस छात्रा ने अन्य लड़कियों के साथ मिलकर बहन पर बुर्का पहनने और धर्म बदलने का दबाव बनाया। भाई ने आशंका जताई कि इस मामले में कोई गहरी साजिश है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने मीडिया रिपोर्टर को बताया कि युवक की तहरीर पर पांच लड़कियों (15 से 17 साल) के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो वायरल होने के बाद खुला मामला
पिछले सप्ताह ट्यूशन सेंटर में छात्रा को जबरन बुर्का पहनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में लड़कियां छात्रा को जबरन बुर्का पहनाते और हंसते-मजाक करते दिख रही थीं। वीडियो देखकर परिवार को शक हुआ और भाई ने तहरीर देकर मामला दर्ज कराया।
समाज में सनसनी, धर्मांतरण और दबाव पर सवाल
यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है। लोग हैरान हैं कि ट्यूशन जैसी जगह, जहां बच्चे पढ़ने जाते हैं, वहां धर्मांतरण और दबाव का खेल चल रहा था। कई लोग इस मामले में स्कूल-ट्यूशन संचालकों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठा रहे हैं। पीड़ित परिवार ने कहा कि उनकी बेटी पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थी।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से चल रही है। पांचों लड़कियों के परिवार से पूछताछ की जा रही है। यह मामला एक बार फिर यूपी में जबरन धर्मांतरण और युवतियों पर दबाव के मुद्दे को उजागर कर रहा है। जांच के नतीजे पर सबकी नजरें टिकी हैं।

