पीलीभीत, उत्तर प्रदेश: पीलीभीत जिले में एक विवाहिता ने शादी से मानसिक तनाव के चलते नहर में छलांग लगा दी। लेकिन पूरनपुर के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अजीत प्रताप सिंह की त्वरित सूझबूझ और बचाव कार्य से उसकी जान बच गई। घटना रविवार सुबह करीब 10 बजे शाहगढ़ क्षेत्र में हुई, जहाँ एसडीएम भ्रमण पर निकले थे। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सनसनी मचा दी है और लोगों में एसडीएम की सराहना हो रही है।
संदिग्ध हालत में देखी महिला
मीडिया जानकारी के अनुसार, एसडीएम अजीत प्रताप सिंह कलीनगर क्षेत्र में भ्रमण पर थे। तभी उनकी नजर रेलवे लाइन के पास संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही एक महिला पर पड़ी। स्थिति को भाँपते हुए उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और महिला पर नजर बनाए रखी। कुछ देर बाद महिला नहर की पुलिया पर पहुँची और अचानक गहरे पानी में कूद गई।
एसडीएम ने खुद उतरकर बचाया
घटना को देखते ही एसडीएम गाड़ी से उतरे और तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने आसपास के लोगों को सहायता के लिए बुलाया और खुद भी नहर में उतर गए। उनकी सक्रियता के कारण कुछ ही मिनटों में महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यदि थोड़ी देर होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
शादी से था मानसिक तनाव
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि महिला की शादी करीब तीन महीने पहले उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी। इसी मानसिक तनाव के चलते वह आत्महत्या करने के इरादे से नहर में कूद गई थी। थाना प्रभारी अशोक पाल ने बताया कि महिला के परिजनों को बुलाकर उसे उनके सुपुर्द कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसा कदम न उठाने के लिए उसकी काउंसलिंग भी कराई गई।
एसडीएम का बयान
एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया कि स्थानीय लोगों की मदद से महिला को सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है।
सामाजिक सवाल
यह घटना शादी के बाद महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य, परिवार के दबाव और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे मुद्दों को उजागर करती है। पीलीभीत प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ऐसे मामलों में तुरंत मदद की जाएगी।
इलाके में चर्चा
इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा मचा दी है। लोग एसडीएम की सूझबूझ की तारीफ कर रहे हैं। महिला के परिवार ने भी उनकी मदद के लिए आभार जताया। पुलिस अब मामले की और जाँच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।

