बरेली: अवैध मदरसे में धर्मांतरण की साजिश, नाबालिग छात्र का ब्रेनवॉश और खतना, फंडिंग की आशंका, पुलिस की छापेमारी

Bareilly News: बरेली के भुता में अवैध मदरसे में धर्मांतरण की साजिश का खुलासा हुआ, जहाँ नाबालिग बीकॉम छात्र और एक लेक्चरर का ब्रेनवॉश कर खतना किया गया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और फंडिंग की आशंका पर जाँच शुरू की। भोजीपुरा में भी एक परिवार के धर्मांतरण का मामला सामने आया।

Samvadika Desk
4 Min Read
AI जनित प्रतीकात्मक इमेज
Highlights
  • बरेली में अवैध मदरसे में धर्मांतरण की साजिश, 4 गिरफ्तार!
  • नाबालिग बीकॉम छात्र और लेक्चरर का ब्रेनवॉश, खतना कराया!
  • भोजीपुरा में परिवार के धर्मांतरण का मामला, जाँच तेज!

बरेली, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भुता क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक अवैध रूप से संचालित मदरसे में धर्मांतरण की साजिश रची जा रही थी। पुलिस ने नाबालिग बीकॉम छात्र और एक लेक्चरर को इस गैंग के चंगुल से छुड़ाया, जिनका ब्रेनवॉश कर खतना किया गया था। मदरसे के नाम पर फंडिंग जुटाने की आशंका जताई जा रही है। चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, और जाँच में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जानकारी माँगी गई है।

- Advertisement -

अवैध मदरसे में धर्मांतरण

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भुता के फैजनगर में चल रहा एक मदरसा अवैध रूप से संचालित हो रहा था। पुलिस की जाँच में पता चला कि इसका कोई आधिकारिक पंजीकरण नहीं था, और केवल एक सोसाइटी के रजिस्ट्रेशन के आधार पर इसे चलाया जा रहा था, जिसकी वैधता भी 2019 में खत्म हो चुकी थी। 24 अगस्त की रात को SOG और भुता पुलिस ने छापा मारकर अलीगढ़ के लेक्चरर प्रभात और इज्जतनगर के नाबालिग बीकॉम छात्र को धर्मांतरण गैंग से मुक्त कराया। प्रभात की माँ अखिलेश कुमारी की शिकायत पर पुलिस ने रोह के सरगना अब्दुल मजीद, सलमान, फहीम, और मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार किया।

ब्रेनवॉश और खतना

पुलिस ने पाया कि गैंग ने नाबालिग छात्र और प्रभात का ब्रेनवॉश कर उनके खतने की प्रक्रिया पूरी की थी, ताकि धर्मांतरण कराया जा सके। यह साजिश सुनियोजित थी, और मदरसे का इस्तेमाल इसके लिए एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में किया जा रहा था। पुलिस को शक है कि इस मदरसे के नाम पर फंडिंग जुटाई जा रही थी, ताकि धर्मांतरण की गतिविधियों को बिना शक के अंजाम दिया जा सके।

सोसाइटी की वैधता पर सवाल

जाँच में सामने आया कि मदरसे का संचालन एक सोसाइटी के पंजीकरण के आधार पर हो रहा था, जिसकी वैधता 2019 में समाप्त हो चुकी थी। पुलिस ने रजिस्ट्रार चिट्स एंड फर्म्स से सोसाइटी के अध्यक्ष, प्रबंधक, और समिति के सदस्यों का ब्योरा माँगा है, ताकि उनकी भूमिका की जाँच की जा सके। साथ ही, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मदरसे के रजिस्ट्रेशन और संचालन की जानकारी माँगी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह धर्मांतरण के लिए एक सुनियोजित साजिश थी।

- Advertisement -

भोजीपुरा में परिवार का धर्मांतरण

इसी बीच, भोजीपुरा में एक परिवार के धर्मांतरण का मामला भी सामने आया है। एक युवक ने अपनी पहली पत्नी से अलगाव के बाद दूसरी समुदाय की युवती से निकाह किया, जिसके लिए उसका धर्मांतरण कराया गया। इस युवती के दो बच्चे हैं—एक पहली पत्नी से और एक दूसरी पत्नी से। जाँच में पता चला कि युवक के साथ-साथ उसकी पहली पत्नी के बेटे और परिवार के एक अन्य सदस्य का भी धर्मांतरण कराया गया। पुलिस इस मामले की भी गहन जाँच कर रही है।

पुलिस और प्रशासन का रुख

बरेली की SP साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि भुता के फैजनगर में जिस मदरसे में धर्मांतरण की गतिविधियाँ चल रही थीं, वह अवैध रूप से संचालित था। सोसाइटी का पंजीकरण तो था, लेकिन उसकी वैधता खत्म हो चुकी थी। पुलिस ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से madarsa के बारे में और जानकारी माँगी है। साथ ही, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और सबूतों की पड़ताल जारी है, ताकि इस साजिश के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

सामाजिक और कानूनी सवाल

यह घटना धर्मांतरण, अवैध गतिविधियों, और सामाजिक संवेदनशीलता जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है। नाबालिग छात्र का ब्रेनवॉश और खतना जैसी घटनाएँ समाज में विश्वास और सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं। यह मामला समाज से जागरूकता, परिवारों से बच्चों पर नजर, और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की माँग करता है। साथ ही, यह सवाल उठता है कि क्या अवैध मदरसा जैसे संस्थानों का इस्तेमाल सुनियोजित साजिशों के लिए किया जा रहा है। यह प्रकरण न केवल कानूनी, बल्कि सामाजिक और धार्मिक स्तर पर भी गहरी बहस छेड़ रहा है।

- Advertisement -
Share This Article