मेरठ: “मदनी जैसे मौलानाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटकर पाकिस्तान छोड़ आएंगे”, संगीत सोम का भयंकर विस्फोट

Meerut News: मेरठ में भाजपा नेता संगीत सोम ने मौलाना मदनी के “जिहाद” बयान पर खुला विस्फोट किया – “मदनी जैसे मौलानाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटकर पाकिस्तान छोड़ आएंगे”। मदरसों को आतंकी अड्डा, घुसपैठियों को वोट जिहादी बताया। पश्चिमी यूपी में तनाव चरम, पुलिस अलर्ट, विपक्ष ने गिरफ्तारी मांगी।

Samvadika Desk
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इमेज - सोशल मीडिया
Highlights
  • सनातनी सड़क पर उतरे तो मौलाना नहीं बचेंगे: सोम
  • “चार बीवियाँ-21 बच्चे, फिर भी भारत में जिहाद?” सोम
  • संगीत सोम के बयान पर विपक्ष बौखलाया, गिरफ्तारी मांग

मेरठ, उत्तर प्रदेश: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के “जहाँ ज़ुल्म होगा, वहाँ जिहाद होगा” वाले बयान ने जैसे पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारूद बिछा दिया हो। सोमवार को सरधना के भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम ने ऐसा विस्फोटक बयान दिया कि पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव का पारा एकदम से चढ़ गया। संगीत सोम ने खुले मंच से धमकी दी — “मदनी जैसे मौलाना बीमार कौम के बीमार दिमाग वाले लोग हैं। ऐसा न हो कि एक दिन सनातनी सड़क पर उतर आएँ और इन मौलानाओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटें, पीटते-पीटते पाकिस्तान पहुँचा दें और वहाँ उनके घर में घुसकर आएँ।”

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ये शब्द कोई साधारण राजनीतिक बयान नहीं थे। ये वो शब्द थे जिन्हें सुनकर मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत और शामली के गांव-कस्बों में लोग एकदम सन्न रह गए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही रातोंरात #SangeetSomAurMadani ट्रेंड करने लगा। एक तरफ हिंदुत्ववादी संगठनों ने संगीत सोम के बयान को “हिम्मत की मिसाल” बताया, तो दूसरी तरफ मुस्लिम संगठनों ने इसे “खुली गुंडागर्दी और धमकी” करार दिया।

मदनी ने क्या कहा था?

दरअसल बात 29 नवंबर की है। भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक सम्मेलन में मौलाना महमूद मदनी ने कहा था — “जिहाद का मतलब ज़ुल्म के खिलाफ लड़ाई है। इस्लाम-विरोधी ताकतें इस पवित्र शब्द को बदनाम कर रही हैं। लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद, एजुकेशन जिहाद जैसे शब्द गढ़कर मुसलमानों की आस्था का अपमान किया जा रहा है। सरकार और जिम्मेदार मीडिया भी इन शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो शर्मनाक है।” मदनी ने दो टूक कहा, “जहाँ-जहाँ ज़ुल्म होगा, वहाँ-वहाँ जिहाद होगा।”

ये बयान जैसे ही उत्तर प्रदेश पहुँचा, हिंदुत्ववादी खेमे में आग लग गई।

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संगीत सोम ने एक-एक करके सारे तीर छोड़े

सोमवार दोपहर मेरठ के एक निजी कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत में संगीत सोम ने जो कहा, उसने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए:

  • “मदनी जैसे लोग संविधान की बात करते हैं, लेकिन चार बीवियाँ और 21 बच्चे पैदा करने के लिए शरिया की दुहाई देते हैं।”
  • “ये लोग भारत की रोटी खाते हैं और पाकिस्तान का गीत गाते हैं।”
  • “मदरसों से आतंकी निकलते हैं। देवबंद जैसे मदरसे आतंकवाद के अड्डे हैं। सारे मदरसे बंद होने चाहिए।”
  • “घुसपैठिए और रोहिंग्या वोट जिहाद कर रहे थे। SIR से इनकी वोटें कट रही हैं, इसलिए मदनी चिल्ला रहे हैं।”
  • “दुनिया में मुसलमान सबसे ज्यादा भारत में ही सुरक्षित हैं, फिर भी ये लोग देश को बदनाम करते हैं।”

सबसे खतरनाक बात संगीत सोम ने अंत में कही — “इनकी समझ में अभी नहीं आ रहा। ऐसा न हो कि सनातनी गुस्से में सड़क पर उतर आएँ और इन मौलानाओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटें।”

पश्चिमी यूपी में पहले से था बारूद बिछा हुआ

2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के हीरो-विलेन संगीत सोम का नाम आते ही पूरे जाटलैंड में हवा बदल जाती है। मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर और मेरठ में आज भी लोग 2013 की आग को नहीं भूले हैं। उस समय भी संगीत सोम का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसने सांप्रदायिक आग भड़काने में बड़ी भूमिका निभाई थी। आज फिर वही इतिहास दोहराता हुआ लग रहा है।

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विपक्ष ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, “ये खुली गुंडागर्दी है। भाजपा के नेता अब खुलेआम धमकी दे रहे हैं। अगर प्रशासन ने संगीत सोम पर कार्रवाई नहीं की तो हम सड़क पर उतरेंगे।”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंकज मलिक ने कहा, “ये बयान देशद्रोह की श्रेणी में आता है। संगीत सोम को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”

दूसरी तरफ राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने भी चिंता जताई, “पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शांति बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। ऐसे बयान से माहौल खराब होता है।”

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प्रशासन अलर्ट, पुलिस फोर्स बढ़ाई गई

मेरठ रेंज के आईजी रामकुमार ने मीडिया रिपोर्टर को बताया कि संगीत सोम के बयान का संज्ञान लिया गया है। सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है। मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के कई थानों में फ्लैग मार्च भी किया गया।

अब आगे क्या?

जो लोग पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति को करीब से जानते हैं, उनका कहना है कि संगीत सोम का यह बयान महज एक बयान नहीं है। यह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की एक बड़ी शुरुआत हो सकती है। SIR, घुसपैठिए, मदरसा, जिहाद — ये सारे मुद्दे आने वाले दिनों में और गरमाएंगे।

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फिलहाल पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश सांस रोककर देख रहा है — कहीं 2013 की आग दोबारा न भड़क जाए।
और संगीत सोम का यह बयान, चाहे जितना विवादास्पद हो, आने वाले कई महीनों तक सुर्खियों में रहेगा — इसमें कोई शक नहीं।

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