लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर मची बवाल के बीच आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने स्मार्ट मीटर से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब अगर बैलेंस नेगेटिव भी हो जाए, तो भी 1 महीने तक बिजली कनेक्शन नहीं कटेगा। खासकर 1 किलोवाट लोड वाले उपभोक्ताओं को पूरी छूट दी गई है, जबकि 2 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 200 रुपये तक नेगेटिव बैलेंस होने पर भी बिजली नहीं कटेगी। यह फैसला गर्मी के मौसम में लोगों को अचानक अंधेरे में न रहने देने के लिए लिया गया है।
कम लोड वालों को विशेष राहत
सरकार का नया नियम स्पष्ट है कि 1 किलोवाट लोड तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का बैलेंस कितना भी नेगेटिव हो, उनका कनेक्शन नहीं कटेगा। 2 किलोवाट लोड वाले उपभोक्ताओं को भी 200 रुपये तक नेगेटिव बैलेंस होने पर राहत दी गई है। इससे छोटे घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी सहूलियत मिलेगी, जो अक्सर आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से समय पर रिचार्ज नहीं कर पाते। सरकार का मकसद है कि भीषण गर्मी में किसी को भी बिजली जैसी जरूरी सुविधा से वंचित न होना पड़े।
5 SMS अलर्ट सिस्टम लागू
बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले कम से कम 5 अनिवार्य SMS भेजे जाएँ। इनमें बैलेंस 30% बचे होने पर पहला, 10% बचे होने पर दूसरा, बैलेंस खत्म होने पर तीसरा, कनेक्शन कटने से एक दिन पहले चौथा और कटने के बाद पाँचवाँ मैसेज भेजा जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को समय रहते भुगतान का मौका मिलेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
रविवार और छुट्टी पर भी नहीं कटेगी बिजली
ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर साफ किया गया है कि रविवार या किसी भी सरकारी छुट्टी के दिन बैलेंस खत्म होने पर भी बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जाएगा और उन्हें रिचार्ज करने का पर्याप्त समय मिलेगा।
नए स्मार्ट मीटर वालों को अतिरिक्त छूट
जहाँ हाल ही में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहाँ उपभोक्ताओं को विशेष छूट दी गई है। पहले 15 दिन का कन्वर्जन पीरियड होगा और उसके बाद 30 दिन तक किसी का भी कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इससे नए सिस्टम को समझने और अपनाने में लोगों को आसानी होगी।
हाई लेवल कमेटी बनी जांच के लिए
स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली की जाँच के लिए एक हाई लेवल कमेटी गठित की गई है, जिसमें आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ और अन्य तकनीकी एक्सपर्ट शामिल हैं। यह कमेटी 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा।
गर्मी में निर्बाध बिजली का भरोसा
सरकार ने बिजली आपूर्ति को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग को देखते हुए अनुरक्षण (मेंटेनेंस) कार्यों को प्राथमिकता देने और निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। साथ ही, उपभोक्ताओं को पीएनजी, इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
यह फैसला स्मार्ट मीटर से जुड़ी परेशानियों को कम करने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बरेली समेत पूरे उत्तर प्रदेश में अब स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

