नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस: अब उड़ान शुरू होने का रास्ता साफ, जल्द शुरू होंगी फ्लाइटें

Noida News: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को DGCA से एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया है। इस मंजूरी के बाद यहां से व्यावसायिक उड़ानें शुरू करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। पहले चरण में लाखों यात्रियों की क्षमता होगी। इससे दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निवेश, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

Samvadika Desk
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल (इमेज - आजतक)
Highlights
  • जेवर एयरपोर्ट को मिल गया एयरोड्रम लाइसेंस!
  • DGCA की मंजूरी से उड़ान शुरू होने का रास्ता साफ!
  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब व्यावसायिक उड़ानों के लिए तैयार!

ग्रेटर नोएडा/नोएडा, उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस एयरपोर्ट को आधिकारिक एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया है। इस लाइसेंस के मिलने के साथ ही यहां से कभी भी व्यावसायिक उड़ानें शुरू करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। यह परियोजना नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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लाइसेंस मिलने से क्या बदलेगा?

मीडिया जानकारी के मुताबिक, एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट पर संचालन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। अब यहां से विमान सेवाएं शुरू करने में कोई कानूनी रुकावट नहीं बचेगी। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) का दौरा किया था और उड़ान शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की थी। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) के लिए यह लाइसेंस एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इस परियोजना पर लंबे समय से काम चल रहा था और लाइसेंस का इंतजार था।

दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के एयर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को आर्थिक, औद्योगिक और कनेक्टिविटी के मामले में बड़ा फायदा मिलेगा।

पहले चरण में लाखों यात्रियों की क्षमता

एयरपोर्ट के पहले चरण में ही लाखों यात्रियों को सेवाएं देने की क्षमता विकसित की गई है। भविष्य में इसे चरणबद्ध तरीके से और विस्तारित किया जाएगा, जिससे यह भारत के सबसे बड़े और व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल हो जाएगा।

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निवेश, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

एयरपोर्ट के शुरू होने से क्षेत्र में निवेश, रोजगार और पर्यटन को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा। लॉजिस्टिक्स, कार्गो और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास में इस एयरपोर्ट की अहम भूमिका होगी। सरकार और संबंधित एजेंसियों का मानना है कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देगी। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी और देश-विदेश के लिए हवाई यात्रा और भी सुविधाजनक बन जाएगी।

यह लाइसेंस मिलना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। अब उड़ानें शुरू होने की राह में कोई बड़ी रुकावट नहीं बची है। जल्द ही यहां से व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है, जो दिल्ली-एनसीआर और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक नया युग लेकर आएगी।

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