सीतापुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने सीतापुर जिले में स्मार्ट प्रीपेड बिजली व्यवस्था शुक्रवार से पूरी तरह लागू कर दी। लेकिन व्यवस्था लागू होते ही जिले के 66,873 उपभोक्ताओं के घरों में अचानक बिजली गुल हो गई। मीटर ने रिचार्ज न होने या निगेटिव बैलेंस होने पर खुद ही आपूर्ति बंद कर दी। उपभोक्ताओं को पहले से ही विभाग की ओर से इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन कई लोगों ने रिचार्ज नहीं कराया था।
क्या हुआ जब बिजली गुल हुई?
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ताओं ने आस-पास के घरों में पूछताछ की तो पता चला कि उनकी बिजली कटी नहीं है, बल्कि मीटर से ही सप्लाई बंद हो गई है। विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने पर सच्चाई सामने आई – रिचार्ज न होने या बैलेंस निगेटिव होने पर स्मार्ट मीटर ने खुद ही बिजली काट दी। रिचार्ज करने के बाद महज 5 मिनट में आपूर्ति बहाल हो गई।
उपभोक्ताओं के अनुभव
- पूर्णागिरिनगर के मंगल ने बताया कि उनका बैलेंस 124 रुपये माइनस में दिख रहा था। सुबह अचानक बिजली गुल हो गई। विभाग से जानकारी मिलने पर 150 रुपये का रिचार्ज किया, तो 5 मिनट बाद बत्ती आ गई।
- श्यामनाथ के सौरभ ने कहा कि उनके मीटर पर करीब 11 हजार रुपये माइनस बैलेंस दिख रहा था। आसपास के घरों में बिजली थी, लेकिन उनके यहां नहीं। रिचार्ज करने के बाद बिजली बहाल हो गई।
विभाग ने पहले ही दी थी चेतावनी
अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड व्यवस्था लागू होने से पहले ही सभी उपभोक्ताओं को जानकारी दी गई थी कि तय समय से पहले रिचार्ज करा लें। जिन उपभोक्ताओं ने रिचार्ज नहीं किया, उनके मीटर ने खुद ही बिजली काट दी। रिचार्ज करने के बाद आपूर्ति स्वतः बहाल हो जाती है।
स्मार्ट मीटर का फायदा और चुनौती
यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को बिजली के इस्तेमाल पर पूरा नियंत्रण देती है। बैलेंस खत्म होने पर मीटर खुद बंद हो जाता है, जिससे बिल बकाया नहीं बढ़ता। लेकिन कई उपभोक्ताओं को यह नई व्यवस्था समझने में समय लग रहा है। विभाग का कहना है कि धीरे-धीरे सभी उपभोक्ता इससे अभ्यस्त हो जाएंगे।
यह घटना स्मार्ट मीटर व्यवस्था की शुरुआत में आई एक सामान्य चुनौती है। विभाग ने कहा कि जिनके बैलेंस माइनस में हैं, वे तुरंत रिचार्ज करा लें ताकि बिजली बाधित न हो। आने वाले दिनों में ऐसी शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।

